वो सज्जन पुरुष

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** ऐसे तो जिंदगी में बचपन के बहुत से किस्से हैं,जिनको कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्हीं किस्सों में से एक मेरा भी बचपन का किस्सा है। जब मैं छोटा था तो अपनी बहनों की शादी थी। हम लड़की वाले थे,फिर भी बारात लेकर बीकानेर गए थे। वहाँ पर हम एक … Read more

बिलासा महिमा

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** ‘बिलासा’ बाई छत्तीसगढ़ की वीरांगना लड़की का नाम है,जिन्होंने महारानी लक्ष्मी बाई के समान ही अंग्रेजों से युद्ध किया। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शहर बिलासपुर का नाम इसी वीरांगना के नाम पर है।  बहुत पुरातन बात है,वही रतनपुर राज। जहाँ बसे नर नारि वो,करते सुन्दर काज॥ केंवट लगरा गाँव … Read more

सम्मान संग हुआ राष्ट्रीय कवि सम्मेलन

जौनपुर (उत्तर प्रदेश)। अखिल भारतीय साहित्य परिषद (भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ठाणे-महाराष्ट्र) एवं साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन के संयुक्त तत्वावधान में कवि विनय शर्मा ‘दीप’ के संयोजन में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन हुआ। इसमें मुंबई (महाराष्ट्र) व उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के लगभग सभी जिलों से साहित्यकार उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की धरती … Read more

अंतिम सफ़र

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* कभी ज़िंदगी के मेले देखे, कभी ग़मों के रेले देखे। जिंदगी के रंग हैं कई, कभी फीके,कभी तीखे देखे। ओ ओ ओ ओ ??? अभी कैसे कह दें अंतिम सफ़र, ओ मेरे हमसफर,हमसफ़र। जो हुए कुर्बान दे देश पे, वो सजे थे हर वेश में। क्या उनको पता था … Read more

रोशनी के सामने

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* शम्’अ रोशन कर दी हमने तीरगी के सामनेl टिक ना पाएगा अंधेरा रोशनी के सामनेll बिन थके चलता रहे जो मंजिलों की चाह में, हार जाती मुश्किलें उस आदमी के सामनेll पर्वतों से हौंसलों को देखकर हैरान है, आसमां भी झुक गया है अब ज़मी के सामने॥ … Read more

काश

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- काश! मेरी माँ होती आज जिन्दा, तो माँ की गोद में सोता ये बन्दाl माँ बचपन की तरह ही दुलारती, आँचल में बैठा के खाना खिलातीl भले ही मैं बहुत खूबसरत नहीं, मगर टीका लगाना भूलती नहींl काश! फिर मुझे लल्ला कह पुकारती, बालों में तेल लगा कंघे से … Read more

हिमालय की वादियों में खो गए

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** हिमालय की वादियों में खो गये, आकर यहां सौंदर्य के ही हो गए। उन्नत शिखर हिम से ढकी सब चोटियां, सुंदर हवा सुख शांति अदभुत वादियां। देखते भी मन नहीं भरता इन्हें, देखकर सब छोड़ इनके हो गयेll लोग पूरे देश के आते यहां, पर्यटन व तीर्थ दर्शन कर यहां। … Read more

मोदी की झोली भरी,क्योंकि विश्वास का मतदान

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** २०१९के आम चुनावों में रिकार्ड तोड़ सफलता से सत्ता में वापसी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय में कहा कि १३० करोड़ हिंदुस्तानियों ने फकीर की झोली भर दी। उन्होंने संकल्प जताया कि वह बद इरादे और बदनीयत से कोई काम नहीं करेंगे,और अपने लिए … Read more

नशे में ही रह दिल…

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** नशे में ही हम हैं,नशे में जमाना, नशे में ही रह दिल,होश में ना आना। बेदर्द दुनिया का जुल्मी चलन है, जीने-मरने की खाते कसम हैं। आता है इनको कसम का भुलाना, नशे में ही रहना…॥ दौलत के संग दिल भी,पलड़े में तौले, दिल की कीमत कम ही बोले। … Read more

उन गलियों तक…

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** जिंदगी का सफर गलियों के बिना अधूरा-सा रहता है, हमारे बचपन के दिनों से लेकर आज इस उम्र तक उन गलियों तक… कहीं भी जाएं,कहीं रहे इक सपना पलता है, वापस आकर मन की गलियों में ठहरने लगता है, ये हमारे अकेलेपन के अपने साथी हैं, जो मन को बहुत सुकून … Read more