शब्द

गरिमा पंत  लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** शब्द मौन है, शब्द ही हँसाते हैं, शब्द ही रुलाते हैं शब्द ही हमें बोलना सिखाते हैं। शब्दों से ही हम किसी के दुश्मन बनते हैं, शब्दों से ही हम किसी के मन में बनते हैं। शब्द ही तो है जो हमे गर्त में ले जाते हैं, शब्द ही हैं जो … Read more

नेता बनाम किसान

सुषमा मलिक  रोहतक (हरियाणा) ************************************************************************************* चुनावों का मौसम चल रहा है,वोटों की गर्मा-गर्मी है, किसान का हाल देखो,उसकी नस-नस में तना-तनी हैl नेता वोट बटोरने में हैं व्यस्त,जा रहे हैं ये जनता के द्वार, किसान को लपेटा आग ने,तो कभी पड़ी ओलों की मारl दिन-रात कुर्सी के लिए,ये सफेदपोश नेता भाग रहे हैं, फसल की … Read more

आइना

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************* चेहरे की मलिनता को दिखाता है , हाँ! बिल्कुल सच-सच, बोलता है आइना। खुशी में खुश होता है, दु:ख में दुखित होता है आइना। नहीं छिपती है, कोई इसके आगे सच्चाई, झूठ को झूठ सच को सच, बयां करता है आइना। नहीं सीखा है, कभी गिरगिट की तरह रंग बदलना, और … Read more

हिसाब-किताब

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************ दो-तीन दिन से बेटे के गले पर एक हल्की-सी गठान दिखाई दे रही थी। माता-पिता बुरी तरह से घबरा गए। बच्चे को डॉक्टर के पास ले गए, डॉक्टर ने गठान की जांच कर कर कहा कि,ये शायद कैंसर हो सकता है। कैंसर…पति-पत्नी के तो पैर तले से जमीन ही खिसक गई। … Read more

पागल

अंतुलता वर्मा ‘अन्नू’  भोपाल (मध्यप्रदेश) ************************************************************ जब आप प्यार से ‘पागल’ बोलते हो न, कसम से बता नहीं सकती मेरे ये यहसास..! ऐसा लगता है जैसे, सीधे दिल में उतर गये तेरे ये अल्फ़ाज़..! दिल को छू लेता है, तेरा पागल बोलना…। तेरे लिए, मेरा पागल बन जाना कोई तो है, जो प्यार से कुछ … Read more

शब्द-ब्रह्म

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* शब्द जो मचाते हैं धूम, कभी शांत,कभी उन्मुक्त पनपते मस्तिष्क हृदय में, लुभाते जोड़ते बाँधते तोड़ते,फिर जोड़तेl निर्माण करते, बड़े अनोखे येे शब्द गूंजते सदियों से, धरती से क्षितिज तकl प्रेम में,स्नेह में,युद्ध में, गीता उपदेश में हर पल अनोखेl ये ब्रह्म शब्द नहीं बंधते, किसी परिभाषा में…ll … Read more

क्या होगा दुनिया छोड़कर

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** साक़ी अगर उदास हुआ,मयकश को आता देखकर, ख्याल-ए-जन्नत ख्वाब है,क्या होगा दुनिया छोड़कर। उनकी मुस्कराहट में छुपे राज का,कैसे पता चले, रोने का फरेब कर लेते हैं,जो आँखों को पोंछकर। तेरी गली में गुजारी जिंदगी,दिल का हाल बताने को, अब क्या पूछना चाह रहीं वो,मेरा जनाजा रोककर। खरीदने वाले की … Read more

आँगन की कली

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* एक कली आँगन में आई सम्मान-सत्कार मिला, खिली मुस्कराई सुवासित किया आँगन समाज व बाबुल का, गई ससुराल सुवासित करने कोl ससुराल के अहम आकांक्षाओं, लालच व संकीर्णता के प्रदूषित झँझावत आये, सम्भालना चाहा न सम्भले अंतर्वेदना कभी किसी से न कही स्वयं में घुलती रही, मिटी,चली गयी… अपना आशियाना … Read more

लोकतंत्र

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** लोकतंत्र की ताकत,नेताओं की है पूजा, यज्ञ हवन में आहुति डाले, मंगलाचार तंत्र-मंत्र रट डालेl साधुओं का लगा जमघट भूखे पेट भजन ना हो गोपाला, यह लो अपनी कंठी माला। मंदिरों में मंजीरे बजते,जो कभी राम ना कहे, वो राम है रटते,नैया कैसे पार लगेगी। दिन-रात भटकते,तपती धूप में भी चलते, … Read more

सपने का मूल्य

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** देखो हवा बदलती कैसे, लहर भँवर में फँसती जैसेl मेरे आँसू अध्यॆ बनकर, मन शिकंजा कसती जैसेl मधुमास चहकता उतरा, उसकी आँखें हँसती जैसेl भाव बन जाते अक्षत रोली, वह हृदय में बसती जैसेl मधुवन में बासंती होली, फागुन की हो मस्ती जैसेl सपना पूछे सपने का मूल्य, जिन्दगी यहाँ … Read more