हल्का करो ज़रा मन को

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** जानते दीन को न दुनिया को, कह रहे हैं कि रहबरी दे दो। कह के हल्का करो ज़रा मन को, बेसबब दर्द क्यूँ रहे हो ढो। रब मआ़फ़ी ज़रूर देगा ही, मैल दिल का अगर लिया हो धो। काम कोई ग़लत नहीं होगा, ख़ौफ़ से रब के … Read more

तबाही लाएगी गर्मी

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** ऐसी गर्मी आएगी मिट्टी में तबाही लाएगी, पौधों को खूब सुखाएगी हरियाली दूर भगाएगी। ऐसा मंजर हो जाएगा दुनिया को खूब तपाएगा, दर्दनाक हो जाएगा फसल नहीं उग पाएगी। दूषित हो रहा है,जल और थल इसीलिए फटते हैं बादल, हर मंजर एक शोला होगा आग नहीं वह ज्वाला होगी। कांप उठेगी … Read more

धर्मयुद्ध

क्षितिज जैन जयपुर(राजस्थान) ********************************************************** जब रणभूमि में आ आमने-सामने शक्तियाँ धर्म अधर्म की टकरातीं हैं, योद्धाओं के सिंहनाद से यह धरा भयभीत होकर बार-बार थर्रातीं है। तब भी यदि कोई योद्धा किसी के बुलावे का मानो इंतज़ार करता है, देखे धर्म को लड़ते अधर्म से मात्र अपने ऊपर ही वह प्रहार करता है। हराने को … Read more

शुभ जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ

हिन्दीभाषा.कॉम मंच के रचनाकार साथी संजय वर्मा ‘दृष्टि’जी  का ०२ मई को शुभ जन्मदिन है..इस पटल के माध्यम से आप उनको शुभकामनाएं दे सकते हैं…..

जन्नत से हुई मन्नत पूरी…

डॉ.रीता जैन’रीता’ इंदौर(मध्यप्रदेश) *************************************************** प्रकृति के सौंदर्य के खजाने को जिसे कश्मीर कहते हैं,इस जन्नत को वहां जाकर निहारा तो मानो हमारी मन्नत पूरी हो गई। हमारी यह शुभ यात्रा १४ से २० अप्रैल(२०१९)सही मायने में सार्थक हो गई। प्रकृति का हर एक रंग यहां देखने को मिला। यह पूरी यात्रा ट्रेवल्स द्वारा तैयार की … Read more

धूप और छाँव

गरिमा पंत  लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************** धूप और छाँव की लुका-छिपी, कितनी अच्छी लगती है। धूप में जब थक जाओ, छाँव शीतलता देती है। धूप जीवन का कठोर समय है, छाँव ढलती शाम है। हे मानव ! तुम धूप से क्यों घबराते हो, कठिन परिश्रम करके तुम अपना भाग्य बनाते हो। छाँव में जब तुम सबके साथ, … Read more

मतदान

मनोरमा चन्द्रा रायपुर(छत्तीसगढ़) ******************************************************** देश हित में बढ़-चढ़कर, आओ मिल मतदान करें। अपने वोट से नेता चुन, देश का गौरव गान करें॥ बहुमूल्य होता मतदान, व्यर्थ में न उसको गंवाएँ। ऐसे नेता को जितायें, जो विकास नीतियां अपनाएँ॥ नोट लेकर वोट न दें, अपने मत का सम्मान करें। नाप-तौल की वस्तु नहीं, मिलकर सब मतदान … Read more

हमारा चौकीदार

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- आज देश की गली-गली में गूँजा एक ही नारा है, देश को जो चोटी पर रक्खे वो सरदार हमारा हैl कुछ ही वर्षों में भारत में नयी रोशनी ले आया, जहाँ-जहाँ पिछड़ा था भारत उसको आगे पहुँचायाl सर्वसम्मति से जनता ने तेरा नाम पुकारा है, देश को चोटी पर… … Read more

गहराई

प्रकृति दोशी भोपाल(मध्यप्रदेश) ********************************************************************************** पैरों की उंगलियों ने पानी को छुआ, कहा- तुम कौन हो ? हो कौन तुम पूछा मैंने जब… एक अनजानी चाहत ने लिया खींच मुझे गहराई की बाँहों की ओर… गहराई मुझे बाँहों में भरती रही उस नीले से पानी की ठंडक मुझे महसूस-सी होने लगी… डूबने आयी थी मरने आयी … Read more

नियमों में फँसी वाहनों की हिंदी अंक पट्टी

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** हिंदी को राष्ट्रभाषा स्थापित होने के लिए सौ वर्ष हो गए और वह राष्ट्रभाषा नहीं बन पाई या सकी,तथा शायद भविष्य भी कोई उज्जवल नहीं दिखाई दे रहा हैl किसी भी भाषा,धरम,संस्कृति के विकास के लिए राज्य आश्रय का होना आवश्यक है,पर हमारे देश में भाषा के कारण बंटवारा हो जाता … Read more