भयावह है कोरोना की युगांतकारी जीवनशैली

ललित गर्गदिल्ली ************************************** ‘कोरोना’ महामारी की दूसरी लहर ने भारी तबाही मचाई,अधिकांश परिवारों को संक्रमित किया,लम्बे समय तक जीवन ठहरा रहा,अनेक बंदिशों के बीच लोग घरों में कैद रहे,अब देश के अनेक भागों में जनजीवन फिर से चलने लगा है। कोरोना विषाणु के कारण आत्मकेन्द्रित सत्ताओं एवं जीवनशैली के उदय होने की स्थितियों को आकार … Read more

समय का सदुपयोग करें

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** ‘समय का सदुपयोग’ नामक इस शब्द से तात्पर्य है-समय की महत्ता को समझते हुए अपने जीवन के हर क्षेत्र में समय का कुशलता पूर्वक प्रयोग करना।समय एक ऐसी चीज है,जो किसी भी स्थिति में अपने निरंतरता में बाध्यता नहीं आने देती है। यह हर पल चलती ही रहती है। हम मानव के जीवन … Read more

आरक्षण:व्यवस्था में परिवर्तन आवश्यक

रोहित मिश्रप्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** क्या आरक्षण का लाभ सभी वंचितों को मिल रहा है ? इसका जवाब होगा-नहीं,तो इसके लिए अनारक्षित वर्ग जिम्मेदार है ? वो क्यों होगा ? उसका आरक्षण से क्या लेना-देना है ?आरक्षण के निर्माण का उद्देश्य वंचित, शोषित, पिछड़े वर्ग को मुख्यधारा में लाना था,पर आज आरक्षित वर्ग के समुदाय के लोग अज्ञानता … Read more

सहनशीलता के संग ज़मीर की जंग

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ******************************************** सहनशीलता के संग ज़मीर की जंग सदैव ही मानवजाति के पुरुषार्थ,संयम,धैर्य,साहस,आत्मबल और आत्मविश्वास की परीक्षा मानी जाती रही है। जीवन में कर्तव्य पथ पर रहते हुए मनुष्य को अनेक बाधाओं,निन्दा और अपनों द्वारा प्रदत्त अपमानों और दुःखों को सहना पड़ता है। तब लोगों के धैर्य और विश्वास डगमगाने लगते … Read more

मित्रता-एक आत्मीय सम्बन्ध

अल्पा मेहता ‘एक एहसास’राजकोट (गुजरात)*************************************** संसार में एक ही रिश्ता ऐसा होता है,जिसका चयन व्यक्ति खुद करता है,बाकी सब रिश्ते तो पहले से ही निश्चित होते हैं। माँ,पिता,भाई,बहन,चाचा,मामा… सब रिश्ते जन्म के साथ ही निर्धारित होते हैं,बस मित्रता ही एक ऐसा इकलौता रिश्ता है जिसका चयन व्यक्ति खुद मर्जी से कर सकता है,मतलब यह जबरदस्ती … Read more

कोरोना:तालाबंदी और शराब का ये ‘रिश्ता’…?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** विशेषज्ञ चाहे जो कहें,सरकार और आम आदमी की नजर में ‘कोरोना’ का ‘इलाज’ दारू ही है! कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में शराब की ऑन लाइन बिक्री की वेबसाइट पहले ही ठप्प हो गई तो भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानें खुलते ही कोरोना नियमों की ऐसी-तैसी करते हुए हजारों बेवड़ों की … Read more

गर्व:५० हजार पत्र-पत्रिकाएँ आज हिंदी में प्रकाशित

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* ३० मई को भारत में ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस’ मनाया जाता है। इसी दिन कोलकाता से १८२६ में याने १९५ साल पहले हिंदी का पहला समाचार-पत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ प्रकाशित हुआ था। इसके प्रकाशक और संपादक युगलकिशोर शुक्ल थे। वह साप्ताहिक अखबार था। उसकी ५०० प्रतियाँ छपती थीं,लेकिन आज हिंदी के अखबारों की लाखों … Read more

जलवायु परिवर्तन और बच्चे

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************** पर्यावरण दिवस विशेष…. टैग- / /सब ओल्ड/आलेख/ डॉ.अरविन्द प्रेमचंद जैन, भोपाल ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष १९७२ में की थी। इसे … Read more

पर्यावरण सुधार ही में है मानव कल्याण

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** पर्यावरण दिवस विशेष…. यह तो हम सभी जानते हैं कि जल,वायु,पृथ्वी, अग्नि और आकाश इन पाँचों तत्वों से ही ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई है,यानि इन पाँचों तत्वों का समावेश न केवल हमारे स्थूल शरीर में है,बल्कि प्रकृति भी इन सभी पाँचों तत्वों से ही बनी है। सीधा अर्थ है।कि,जंतु,पेड़-पौधे और हम … Read more

कराहती पृथ्वी

नमिता घोषबिलासपुर (छत्तीसगढ़)**************************************** विश्व पर्यावरण दिवस विशेष…. ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ की स्थापना ५ जून १९७२ में संयुक्त राष्ट्र संघ की सभा द्वारा स्टॉकहोम में ‘मानव पर्यावरण’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में हुई थी। इसे विश्व स्तर पर प्रतिवर्ष पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं पर्यावरण संरक्षण की गति निर्धारित करने हेतु मनाया जाता है। आज … Read more