‘कोरोना’ क्या-क्या छीनोगे!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)**************************************** इतिहास में पढ़ा था कि युद्धों में-महामारियों में बहुतों की मौत हुई थी और रात में कभी भी दाह संस्कार नहीं होते थे,पर इस ‘कोरोना’ ने सब बदल दिया है। जो संक्रमित हैं,या थे या होंगे की अलग-अलग कहानियां हैं। यह समय दुर्दिन के हैं। इस समय उदासी,निराशा,हताशा,दुःख,शोक की लहर हर घर,समाज,मुहल्ले,नगर,महानगर, देश … Read more

माँ जैसा प्यार किसी भी रिश्ते में नहीं

नमिता घोषबिलासपुर (छत्तीसगढ़)**************************************** ‘विश्व मातृ दिवस’ सारे विश्व में मनाया जाता है। यूँ तो जिंदगी का कोई एक दिन या तारीख माँ को विशेष सम्मानार्थ के लिए ‘मातृ दिवस’ के रूप में मनाने का कोई भी औचित्य नहीं है। कारण,सृष्टि के आरंभ से माँ है-धरती,स्वयं माँ है प्रकृति,स्वयं माँ ही है जीवन का आधार। प्रतिदिन … Read more

अब जातिय आरक्षण खत्म करें,जरुरत के आधार पर हो

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र में मराठा लोगों के आरक्षण को बढ़ाने वाले कानून को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। महाराष्ट्र विधानसभा ने एक कानून सर्वसम्मति से पारित करके सरकारी नौकरियों और शिक्षा-संस्थाओं में प्रवेश के लिए मराठा जाति का कोटा १६ प्रतिशत बढ़ा दिया,याने कुल मिलाकर जातिय आरक्षण ६८ प्रतिशत हो गया, … Read more

उफ्! और कितनी श्रद्धांजलियां…?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बैनर्जी की धमाकेदार जीत,असम में भाजपा और केरल में वाम गठबंधन की वापसी,उप्र पंचायत चुनाव में भाजपा की सिकुड़ती ताकत,बंगाल में चुनाव पश्चात हिंसा और श्मशान में शहनाई की तरह बजते आईपीएल की दुकान बंद होने जैसी कई घटनाएं हाल में घटी हैं, ‍िलेकिन लगा कि,कोरोना का … Read more

‘कें चु आ’ वास्तव में बिना रीढ़-दांत का शेर !

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)****************************************** मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा केन्द्रीय चुनाव आयोग यानी ‘के.चु.आ.’ को फटकार के साथ कहा गया कि,चुनाव के कारण होने वाली मौतों के लिए चुनाव आयोग जिम्मेदार है। इस कारण उनके ऊपर हत्या का मुकदमा चलना चाहिए।अब सवाल क़ि,जो आयोग दूसरों पर आश्रित है,यानी परजीवी है,उसके ऊपर कार्यवाही करने से क्या होगा। बिना कारण … Read more

जीवन है अनमोल

रोहित मिश्रप्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** हमारा जन्म इस जगत में एक विशेष प्रयोजन के तहत हुआ है। इस जगत में हम अपने निर्धारित कार्य को संपादित करने के लिए आते हैं। ये दुनिया एक रंगमंच है,और हम इस रंगमंच के सिर्फ एक पात्र है। अर्थात हमारा जन्म किसी न किसी कार्य को संपादित करने के लिए हुआ है,और … Read more

‘कोरोना’ की कूटनीति

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* भारत में फैले ‘कोरोना’ की प्रतिध्वनि सारी दुनिया में सुनाई पड़ रही है। अमेरिका से लेकर सिंगापुर तक के देश चिंतित दिखाई पड़ रहे हैं। जो अमेरिका कल-परसों तक भारत को टीका या उसका कच्चा माल देने को बिल्कुल भी तैयार नहीं था,आज उसका रवैया थोड़ा नरम पड़ा है। अमेरिका के कई … Read more

आस्था और अंधविश्वास में जमीन-आसमान का अन्तर

रोहित मिश्रप्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** हमारा भारतवर्ष एक धार्मिक देश के रुप में विख्यात है। हमारे देश के हर धर्म में आस्थावानों की कमी नहीं है। जिन लोगों का भारतीय संस्कृति से लगाव नहीं है,या फिर ये कहा जाए कि जिन पर पश्चिमी सभ्यता का अधिक प्रभाव है,उनका मानना है कि भारतीय अंधविश्वासी हैं।आस्था को अंधविश्वास और अंधविश्वास … Read more

प्राणवायु से ईमान तक…क्या नहीं बिक रहा!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** कुछ लोग भले इसे नकारात्मक सोच मानें, लेकिन कोरोना-२ ने एक बार फिर इंसान के दो चेहरों को बेनकाब कर दिया है। एक तरफ वो लोग हैं,जो दिन-रात एक कर कोविड के जानलेवा हमले से मरीजों को अपनी जान जोखिम में डालकर बचाने में जुटे हैं,तो दूसरी तरफ वो हैवान हैं,जो इस … Read more

श्रम का मूल्य समझने का दिन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ***************************************** विश्व श्रमिक दिवस विशेष…… ‘श्रमसीकर नित पूज्य हों,पायें नित सम्मान।श्रम से ही धनधान्य है,श्रम से ही उत्थान॥’श्रमिकों द्वारा की गई कड़ी मेहनत का सम्मान करने के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों के लिए लड़ने वालों को सम्मान देने के लिए श्रम दिवस को मनाया जाता है। इस दिन को भारत सहित … Read more