तन-मन भीगा जाय
सुषमा दुबे इंदौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** रंगों की बौछार में,तन-मन भीगा जाय। आया फागुन झूम के,सजनी बहुत लजाय॥ आयो मौसम प्रेम को,आम गयो बौराय। गाए कोयल प्रेम धुन,फागुन भी इतराय॥ आँगन में टेसू महका,खेत आम बौराय। शीत गई फगुना आयो,साजन रंग लगाय॥ पीली सरसों खेत में,आँगन चौक पुराय। आयी होली मस्तानी,तन-मन भीगो जाय॥