हिन्दी की अस्मिता पर प्रहार करने वाले हिन्दी के अपने

प्रो. कृष्ण कुमार गोस्वामी दिल्ली *************************************************************************** यह बहुत बड़ी विडंबना है कि हिन्दी को तोड़ने वालों में हिन्दी के अपने ही लोग हैं।भोजपुरी के कुछ समर्थकों का यह विचार है कि हिन्दी भाषा से अलग होने पर ही भोजपुरी भाषा और संस्कृति का विकास हो पाएगा। वास्तव में यह उनका भ्रम है। भाषा विज्ञान की … Read more

छत्तीसगढ़ सरकार का विवेकहीन निर्णय

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** भारत देश में औसतन कोई भी व्यक्ति अधिक पौष्टिक नहीं है।अधिकांश कुपोषण से पीड़ित हैं,कारण सामान्य वर्ग को संतुलित आहार नहीं मिलता और निम्न एवं गरीबों को जब पर्याप्त भोजन नहीं मिलता तो वे कुपोषण की श्रेणी में आते हैं। सभी सरकारों का लक्ष्य है कि कुपोषण से कोई पीड़ित न … Read more

आँचल का पहला फूल

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- माँ का आँचल और आँचल का पहला फूल नारी को सम्पूर्ण नारीत्व का भान कराता है। माँ बनना नारी की सम्पूर्णता है। मातृत्व का आभास ही तन,मन और जीवन में उल्लास की सृष्टि करता है। ये एक ऐसा अहसास है,जिस अहसास को महसूस करने के लिये एक माँ पूरा … Read more

देशहित के लिए अंर्तराष्ट्रीय कर्ज का बोझ

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** भारत देश विकास और तकनीकी के क्षेत्र में विकासशील देशों के दायरे में आ गया है। आज मोदी की जय-जयकार के नारे भारत देश ही नहीं,विदेशों में मोदी का नाद गूंज रहा है,लेकिन विपक्ष में खलबली मची हुई है। वे मोदी के जयकारों की ध्वनि की गूंज को बर्दाश्त नहीं कर … Read more

सत्ता सत्य है,राजनीति मिथ्या

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** कर्नाटक और गोवा में जो कुछ हो रहा है,उसने सारे देश को वेदांती बना दिया है। वेदांत की प्रसिद्ध उक्ति है-‘ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या’-याने “ब्रह्म ही सत्य है,यह जगत तो मिथ्या है।” दूसरे शब्दों में सत्ता ही सत्य है, राजनीति मिथ्या है। सत्ता ही ब्रह्म है,बाकी सब सपना है। राजनीति,विचारधारा,सिद्धांत, परम्परा,निष्ठा … Read more

सफलता के लिए श्रम-संघर्ष के साथ भाग्य भी जरुरी

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** श्रम आपको उस तरफ ले जाता है,जिधर आपका लक्ष्य है,लेकिन भाग्य साथ हो तो लक्ष्य या उससे ज्यादा मिल पाता है। यदि भाग्य में नहीं है,तो लक्ष्य पास होने के बावजूद सामने से निकल जाता है। सफलता दिखती है, मिलती नहीं। बिलकुल यही स्थिति भारत की इस बार के क्रिकेट … Read more

कश्मीर में जवाहिरी का ‘ जिहाद’ यानी पाकिस्तान की और बर्बादी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** अल-कायदा के मुखिया एयमान जवाहिरी ने अजीब-सा एलान जारी किया है। उसने कश्मीरी नौजवानों से अपील की है कि वे अब बड़े जोर-शोर से आतंकवाद फैलाएं और हिंदुस्तान की नाक में दम कर दें। वे हिंदुस्तान की सरकार और अर्थव्यवस्था को पंगु बना दें। जवाहिरी या उसके मरहूम उस्ताद उसामा … Read more

भ्रष्टाचार की सफाई का संकल्प

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का भ्रष्टाचार पर सशक्त वार भ्रष्टाचार और पेशेवर कदाचार के आरोप में लिप्त अधिकारियों के ठिकानों पर सीबीआई की दस्तक एक नई भोर का आगाज है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर लगातार प्रहार के लिए केन्द्र और राज्य सरकार के संकल्प की सराहना की जानी चाहिए। बुलंदशहर … Read more

जनसंख्या वृद्धि ले जाएगी विनाश की कगार पर

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** विश्व जनसंख्या दिवस(११ जुलाई)विशेष…………. वर्तमान में विश्व की जनसंख्या साढ़े सात अरब के आँकड़े को पार कर चुकी है,और जिस रफ़्तार से जनसंख्या बढ़ रही है,वह आने वाले समय में पूरे विश्व में भयावह स्थिति का निर्माण करेगी। कारण कि जनसंख्या वृद्धि की रफ़्तार के सामने प्राकृतिक संसाधन पूरे विश्व … Read more

कांग्रेसःप्रा.लि.कं. से राजनीतिक दल बनना होगा

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** कांग्रेस के अध्यक्ष पद से राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कई अन्य युवा नेताओं के इस्तीफों की झड़ी लग गई है,लेकिन कांग्रेस के खुर्राट बुजुर्ग नेताओं में से किसी ने भी इस्तीफा नहीं दिया है,क्योंकि चुनाव-प्रचार के दौरान उनका कोई महत्व ही नहीं था। कांग्रेस का मतलब सिर्फ राहुल … Read more