‘मनुष्यता’ ही साहित्य का प्रदेय

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** ‘साहित्य समाज का दर्पण होता है’, इस पंक्ति से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है। किसी भी काल-खंड की तस्वीर जब हम देखना चाहते हैं, तो उस दौर का साहित्य उठाते हैं और शोध-परिशोध के शिकंजे पर कस कर साहित्य-आइने में उस काल-खंड का अवलोकन करते हैं। इस शीशे को फ्रेम बद्घ … Read more

भ्रष्ट होते चुनावों से लोकतंत्र धुंधलाने का संकट

ललित गर्ग दिल्ली************************************** चुनाव चाहे लोकसभा के हो, विधानसभा या फिर नीचे के लोकतांत्रिक संगठनों के, जहां नीति, नैतिकता एवं पवित्रता की बात पीछे छूट जाती है, वहां न केवल लोकतंत्र, बल्कि राष्ट्र भी कमजोर हो जाता है। ३ राज्यों में चुनाव हो चुके हैं और २ में होने वाले हैं। स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव … Read more

गुरुनानक देव आईना हैं ढोंगी साधुओं के लिए

ललित गर्ग दिल्ली************************************** जयन्ती (२७ नवम्बर) विशेष…. परम सत्ता या संपूर्ण चेतन सत्ता के साथ तादात्म्य स्थापित कर समस्त प्राणी जगत को एकता के सूत्र में बांधने वाले ‘सिख’ समुदाय के प्रथम धर्मगुरु नानक देव ने मानवता का पाठ पढ़ाया, धर्म का वास्तविक स्वरूप स्थापित किया। समाज-सुधारक एवं रहस्यवादी संत नानकदेव जी ने समाज में … Read more

हिंसामुक्त नारी समाज का सपना अधूरा ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस (२५ नवम्बर) विशेष… पूरे विश्व में महिलाओं के प्रति हिंसा, शोषण एवं उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं के उन्मूलन हेतु संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिवर्ष २५ नवम्बर को ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस’ मनाया जाता है। भारत ही नहीं, दुुनियाभर की महिलाओं पर बढ़ती हिंसा, शोषण, असुरक्षा एवं उत्पीड़न की … Read more

बदलता परिवेश और रिश्ते-सोचिए जरूर

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** जीवन रिश्तों से ही चलता है, और यह इसकी साँस है, पर बदलते परिवेश, परवरिश और सुविधाओं के संस्कारों से यह सिमट रहा है। हाल ही में घटित एक घटना इसका सबूत है।महानायक अमिताभ बच्चन, उप-प्रधानमंत्री रहे लालकृष्ण आडवाणी और मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से लेकर महाराष्ट्र के क्षत्रप बाल ठाकरे सहित … Read more

जन-जन का हित हो

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* रामराज… ‘रामराज’ का अर्थ है सुराज व सुशासन। तुलसीदास जी ने ‘रामचरितमानस’ में रामराज पर पर्याप्त प्रकाश डाला है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के सिंहासन पर आसीन होते ही सर्वत्र हर्ष व्याप्त हो गया, सारे भय-शोक दूर हो गए एवं दैहिक, दैविक और भौतिक तापों से मुक्ति मिल गई। कोई भी … Read more

भारत की आर्थिक तरक्की से चकित विश्व

ललित गर्गदिल्ली************************************** भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में सबसे अधिक तेज गति से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गई है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्रीय वार्ता को संबोधित करते हुए सतत विकास के प्रति देश की प्रतिबद्धता पर बल दिया। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन को रेखांकित करते हुए उन्होंने भविष्यवाणी की कि, २०२७ … Read more

पर्यावरण का सच्चा हितैषी लोकपर्व ‘छठ पूजा’

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* लोकपर्व ‘छठ पूजा’ में भगवान सूर्य नारायण और उनकी बहन षष्ठी को ‘छठी मैया’ के रूप में पूरी श्रद्धा व भावना रखकर पूजा जाता है।ऐसा माना जाता है कि,महाभारत काल में कर्ण सूर्य भगवान की कृपा से महान योद्धा बना था, क्योंकि वहप्रतिदिन घंटों कमर तक पानी में खड़े होकर सूर्य … Read more

राम राज जन-जन का कर्तव्य

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* राम-राज… ‘सत्य रूप अमर हर कण में बसे प्रभु राम,आओ हम सब राम से,सीखें, कैसे होये काम।’राम-राज की कल्पना ही मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, देवी सीता, लक्ष्मण जी, हनुमान जी की अनुपम छवि को हृदय में जागृत करती है, जो सदियों से हमारी पावन भूमि पर एक आदर्श के रूप … Read more

घरेलू हिंसा के शिकार होते पुरुष ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** ‘अन्तर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस (१९ नवम्बर)’ विशेष… ‘अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस’ माता-पिता के अलगाव, पत्नी की उपेक्षा, दुर्व्यवहार, बेघर होना, रोजगार, आत्महत्या और हिंसा सहित पुरुषों द्वारा सामना किए जाने वाले कई मुद्दों के लिए एक वैश्विक जागरूकता दिवस है, जो हर साल १९ नवम्बर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लड़कों और पुरुषों के … Read more