पर्यटन: मालदीप क्यों बौखलाया ?

ललित गर्ग दिल्ली************************************** नववर्ष पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लक्षद्वीप की यात्रा पर क्या गए, चीन की कठपुतली बने मालदीव को मिर्ची लग गई। वहां की नई सरकार और तमाम लोगों ने इसे अपने पर्यटन उद्योग के लिए गंभीर खतरा मानते हुए भारत एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आपत्तिजनक एवं गैर-जिम्मेदार टिप्पणियां कर दी, नासमझी में … Read more

यूरोपीय मीडिया ने दिया था ‘साइक्लानिक हिन्दू’ नाम

डॉ.अनुज प्रभातअररिया ( बिहार )**************************** सन् १८९३ में जब यूरोप, अमेरिका के लोग पराधीन भारत के लोगों को बहुत ही हीन दृष्टि से देखते थे, तब जापान, चीन, कनाडा की यात्रा करते हुए स्वामी विवेकानंद विश्व धर्मसभा में भाग लेने अमेरिका के शिकागो‌ पहुंचे। भारत से आने के कारण वहां के लोगों का प्रयास रहा … Read more

स्वार्थी उद्देश्यों से लिपटी नई यात्रा से उम्मीदें कम

ललित गर्ग दिल्ली************************************** कांग्रेस के नेता एवं सांसद राहुल गांधी अपने एवं कांग्रेस के राजनीतिक धरातल को मजबूती देने के लिए एक बार फिर यात्रा का सहारा ले रहे हैं। ४ हजार किलोमीटर की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद अब वे ६७ सौ कि.मी. की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर निकल चुके हैं। कांग्रेस को … Read more

नव फसल का स्वागत संक्रांति त्योहार

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* मकर संक्रांति विशेष…. हमारे भारत वर्ष की संस्कृति अति ही बहुमूल्य है। यहाँ के अनेक त्योहार हैं, जो एकसाथ देश में मनाए जाते हैं। आंग्ल नववर्ष के प्रथम माह जनवरी उत्साह से भरे ‘मकर संक्रांति पर्व’ का है।भारत में संक्रांति का त्योहार हर्ष-उल्लास से मनाया जाता है। यह हिन्दू धर्म … Read more

व्यक्तित्व-कृतित्व को अपनाने की नितान्त आवश्यकता

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** १२ जनवरी १८६३ का दिन भारतीय इतिहास के पन्नों में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के नाम से विशेष रूप से अंकित है। हालांकि, विवेकानंद जी का बचपन का नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था, पर भारतीय वैदांतिक ज्ञान की प्राप्ति के पश्चात स्वामी रामकृष्ण परमहंस के सानिध्य में आकर उन्हें स्वामी … Read more

युवाओं के लिए स्वर्ण अवसर है ‘स्टार्ट-अप’

रत्ना बापुलीलखनऊ (उत्तरप्रदेश)***************************************** वास्तव में भारत जैसे विशाल जनसमूह के देश में स्टार्ट-अप योजना एक नई सोच, नई क्रान्ति एवं एक नया आविष्कार ही है, जो हमारे ब्रम्हाण्ड में नाद एवं ओंकार के रूप में व्याप्त है और सदा रहेगा, जिसकी अवधारणा हमारे प्राचीन ऋषि-मुनियों ने हमारे प्राचीन ग्रन्थ, वेद, ऋचाओं, उपनिषदों में संग्रहित की … Read more

हिन्दी:राष्ट्रीयता की प्रतीक भाषा की उपेक्षा क्यों ?

ललित गर्ग दिल्ली************************************** ‘विश्व हिन्दी दिवस’ विशेष…. ‘विश्व हिन्दी दिवस’ मनाने का उद्देश्य दुनियाभर में फैले हिंदी जानकारों को एकजुट करना, हिन्दी को विश्व स्तर पर स्थापित एवं प्रोत्साहित करना और हिंदी की आवश्यकता से अवगत कराना है। अंग्रेजी भाषा भले ही दुनियाभर के कई देशों में बोली और लिखी जाती है, लेकिन हिंदी हृदय … Read more

हिन्दी की गरिमा और उपयोगिता बढ़ती रहे, यही लक्ष्य हो

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* विश्व हिंदी दिवस विशेष…. प्रत्येक वर्ष भारत में १० जनवरी को ‘विश्व हिंदी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। हमारे भारत में हिंदी राजभाषा, संपर्क भाषा, राष्ट्रभाषा, राज्य भाषा और मातृभाषा के रूप में प्रयुक्त हो रही है। भाषा और साहित्य को किसी परिधि में बांधा कर नहीं रखा … Read more

पक्षियों का कलरव एवं ऊर्जा खत्म होना बड़ी चुनौती

ललित गर्ग दिल्ली************************************** देश एवं विदेशों में विलुप्त हो रही विभिन्न पक्षियों की प्रजातियों को बचाने के लिए वर्तमान में ‘राष्ट्रीय पक्षी दिवस’ की प्रासंगिकता बढ़ी है। सिर्फ अमेरिका में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर और भारत में भी इसकी विशेष प्रासंगिकता है, क्योंकि यहाँ भी अधिकांश पक्षी प्रजातियों को गंभीर भविष्य का सामना करना पड़ … Read more

वर्चस्व

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************** नेता जी अपने कार्यकर्ताओं के समक्ष अपनी उपलब्धियों का बखान कर रहे थे,“आज मैंने इस ब्रह्माण्ड पर अपना वर्चस्व बना लिया है। सजीव-निर्जीव सभी पर आज मेरा अधिकार है। पैसे के बल पर सब कुछ खरीद सकता हूँ। ये दुनिया सिर्फ पैसे के दम पर टिकी है। मैं इतना सम्पन्न … Read more