मातृभाषा की आरती नहीं, इसे व्यवहार और वाणी में उतारें
डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस विशेष… जब मैं मातृभाषा, स्वभाषा, राजभाषा या राष्ट्रभाषा की बात करता हूँ तो मेरे सामने भाषा नहीं देश होता है। किसी देश के साहित्य-संस्कृति, धर्म-आध्यात्म और सदियों से अर्जित ज्ञान-विज्ञान को बचाना या बढ़ाना है तो, सर्वप्रथम जरूरी है कि अपनी मातृभाषाओं और बोलियों आदि को आत्मसात करें। … Read more