‘नया भारत’ युवाओं की भागीदारी के बिना कैसे ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवावस्था में अपनी डायरी के पन्नों पर ‘न्यू इंडिया’ और ‘युवा भारत’ का जो सपना शब्दों में पिरोया था, वह आज साकार होता नजर आ रहा है। भारत मजबूती से लगातार नई पहल के साथ आगे बढ़ रहा है। जिस तरह से भारत ने श्री मोदी के नेतृत्व में … Read more

आत्मविश्वास बढ़ाना ही सफलता

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** जन्म से कोई हर बात सीख कर नहीं आता, जैसे चलने से पहले गिरना जरूरी है, तभी वह चलने का महत्व समझता है। अज्ञानता तब तक रहती है, जब तक वह उस बात को नहीं जान लेता है। इस प्रकार बच्चे के लिए जीवन की पहली पाठशाला बचपन होती है। इस समय वह … Read more

भारत की विदेश नीति का डंका

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* दुबई में अनेक भारतीयों, अफगानों, पाकिस्तानियों, ईरानियों, नेपालियों, रूसियों और कई अरब शेखों से खुलकर संवाद से पहली बात तो यह पता चली कि दुबई के हमारे प्रवासी भारतीयों में भारत की विदेश नीति का बहुत सम्मान है। हम लोग नरेंद्र मोदी और विदेश नीति की कई बार दिल्ली में कटु आलोचनाएं … Read more

‘सप्तर्षि’ स्वरूप सातवें आसमान पर ले जाएगा

डॉ. पुनीत कुमार द्विवेदीइंदौर (मध्यप्रदेश)********************************** बजट… नए भारत का नया बजट एक कल्याणकारी बजट सिद्ध होगा। कृषि क्षेत्र में युवाओं को स्टार्ट-अप के लिए अवसर देना अभिनव प्रयोग एवं सराहनीय पहल है, जिससे कृषि क्षेत्र में नवीन क्रांति संभव है। युवाओं को कृषि क्षेत्र में अवसर मिलेंगे और बेरोज़गारी की समस्या का भी स्थाई समाधान … Read more

महात्मा गांधी की नकल करता तो कहीं बेहतर होता

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* कांग्रेस दल के सर्वेसर्वा राहुल गांधी की ‘भारत-जोड़ो यात्रा’ का समापन हो गया है। केरल से कश्मीर तक की यह यात्रा शंकराचार्य के अलावा भारत में अब तक राहुल के सिवाय शायद किसी और ने कभी नहीं की। यह यात्रा इस अर्थ में ऐतिहासिक है, लेकिन भारत कहां से टूट रहा है, … Read more

आहार जितना शाकाहारी, उतना लाभ

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** आहार-भोजन हर व्यक्ति का अपना-अपना चयन होता है। जब हम १० रूपए का घड़ा खरीदते हैं, तो उसे ठोक-बजा कर देखते हैं, उसी प्रकार जब अपने आहार का चयन करते हैं, तो उसके ऊपर भी सोच-विचार करना आवश्यक होना चाहिए, पर आजकल जल्दी स्वस्थ-पुष्ट होने के लिए अखाद्य पदार्थों का चयन कर खाते … Read more

गांधी के आदर्शों को ही आगे बढ़ा रहा संघ

ललित गर्गदिल्ली************************************** महात्मा गांधी बीसवीं शताब्दी में दुनिया के सबसे सशक्त, बड़े एवं प्रभावी नेता के रूप में उभरे। वे बापू एवं राष्ट्रपिता के रूप में लोकप्रिय हुए, वे पूरी दुनिया में अहिंसा, शांति, करूणा, सत्य, ईमानदारी एवं साम्प्रदायिक सौहार्द के साथ-साथ हिन्दू-संस्कृति, स्वदेशी, गौ-सेवा, स्वावलम्बन, स्वच्छता के सफल प्रयोक्ता के रूप में याद किए … Read more

विचारों और संस्कारों से भटकती युवा पीढ़ी

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** आज की युवा पीढ़ी फिल्मी सितारों और गीत-संगीत से काफी प्रभावित है। जिसे देखो वह फिल्मी गाने गुनगुनाते हैं। तब अक्सर मेरे मन में यह प्रश्न उठता है आखिर क्यों ? माना कि फिल्मी गाने सुनना कोई बुरी बात नहीं है, पर क्या आज की युवा पीढ़ी फिल्मी गीतों के अलावा … Read more

आखिर कब पूर्ण गणतंत्र ?

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** गणतंत्र दिवस:देश और युवा सोच… भारत एक गणतांत्रिक देश है, यह सत्य किसी से छुपा नहीं है, परंतु भारत के गणतंत्र दिवस तक की कहानी कैसे-कैसे कदम दर कदम आगे बढ़ती है, यह बात नई पीढ़ी तक ले जाना पुरानी पीढ़ी का जिम्मा है। इसके विषय में जब चर्चा की जाती … Read more

आर्थिक असमानता पर मंथन हो

ललित गर्गदिल्ली************************************** वैश्विक संस्था ऑक्सफैम ने अपनी आर्थिक असमानता रिपोर्ट में समृद्धि के नाम पर पनप रहे नए नजरिए, विसंगतिपूर्ण आर्थिक संरचना एवं अमीरी-गरीबी के बीच बढ़ते फासले की तथ्यपरक प्रभावी प्रस्तुति देते हुए इसे घातक बताया है। संभवतः यह एक बड़ी क्रांति एवं विद्रोह का कारण भी बन रहा है। आज देश एवं दुनिया … Read more