यूरोप में भारत विरोध निरर्थक
डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** यूरोपीय संघ की संसद में अब भारत की डटकर भर्त्सना होने वाली है। उसके ७५१ सदस्यों में से ६०० से भी ज्यादा ने जो प्रस्ताव यूरोपीय संसद में रखे हैं,उनमें हमारे नए नागरिकता कानून और कश्मीर के पूर्ण विलय की कड़ी आलोचना की है। जिन सांसदों ने इस कानून को … Read more