डाकिया
वाणी बरठाकुर ‘विभा’ तेजपुर(असम) ************************************************************* निर्मला एकांत मन से ब्रीफकेस से निकली हुई चिट्ठी पढ़ रही है। “दादी…दादी,क्या पढ़ रहे हो ? मुझे भी दिखाइए!” सात वर्षीय पोते अभिज्ञान ने जिज्ञासा भरी नजरों से चिट्ठी देखकर निर्मला से पूछा। निर्मला ने जवाब दिया,”ये तेरे दादा जी की चिट्ठी थी। आज इस ब्रीफकेस में से निकली।” … Read more