मुझे मनाना जरा-जरा सा
ममता सिंहधनबाद (झारखंड)************************************ तेरा मिलता प्यार जरा-सा,खट्टा-मीठा कड़वा जरा-साभोर सुहानी जरा-जरा-सी,इन्द्रधनुषी रंग जरा जरा-सातेरा मिलता भाव जरा-सा। सुखद सुहाना सपना जरा-सा,खिल जाती कलियाँ प्यारा-सीहोंठों पर है मुस्कान जरा-सी,दिल भी नाचे जरा जरा-सातेरा मिलता प्यार जरा-सा। तेरा मिलता उपहार जरा-सा,चाहे मंहगा चाहे सस्ता-सातुमसे रूठना, तुमसे मानना,मुझे मनाना जरा जरा-सामैं तुझे मनाऊँ जरा जरा-सा। तुम ना बोलो … Read more