करके मेहनत नाम बना जाऊँगा

शिवम द्विवेदी ‘शिवाय’  इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** घर से निकल के मैं शहर आया जी, जमाने के लिए कुछ कर जाऊँगा। देख-देख सीख-सीख भर जाऊँगा, कुछ करके ही वापस मैं घर जाऊँगा। बाप जी ने मुझे सब-कुछ दे दिया, मैं भी खुद पर मान करा जाऊंगाl घर का है नाम बड़ा मेरे, मैं खुद का भी … Read more

किससे पूछूँ ?

देवेन्द्र कुमार राय भोजपुर (बिहार)  ************************************************************* कौन तय करेगा लक्ष्य हमारे ? मैं,राजनीति हिन्दू,मुसलमान देश या धर्म, किससे पूछकर दीया जलाऊँ ? किससे पूछकर दीप जलाऊँ, कौन करुँ मैं कर्म यहाँ मैं जिऊँ, किसके सहारे। दीपक के पूनम पर आमावस का विचार, अपने ही घर में अपनों से गया हार, अपनी चौखट पर ही बने … Read more

भारत का किरीट

क्षितिज जैन जयपुर(राजस्थान) ********************************************************** उठ भारत! हो जाग्रत,और किरीट सम्हाल अपना, जो झुका सदियों से,उठा सम्मान से भाल अपना। जो हुआ विगत उसकी परत को मन से त्याग दे, गौरव की वीणा में विजय का पुन: तू अब राग दे। झककोर अपने-आपको,जगा अपने संचित बल को, द्युति ले आँखों में,और हृदय खंड में ला अनल … Read more

छाले पड़े पाँव में

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** रोटी की तलाश हेतु जाम में फँसे हैं आज, कभी दिन कटते थे पीपल की छाँव में। गंदगी शहर की ये झेलते हैं रात-दिन, ताज़ी खूब ताज़ी हवा मिलती थी गाँव में। किन्तु सुविधाओं का है बहुत अकाल वहाँ, यहाँ-वहाँ भागने से छाले पड़े पाँव में। एक पाँव गाँव,एक … Read more

पर्यावरण की ओढ़नी

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** पेड़ों का है कहना, ना तुम हमें काटना धूप-छाँव का बिस्तर देते, राहगीर की पीड़ा हर लेते फल-फूल का है भंडार, वर्षा में सहायक होते। संजीवनी बन देते प्राण, तादाद बढ़े हमारी करो यह उपकार, पेड़ लगाओ सब बच्चे- बूढ़े और जवान। गंगा माँ स्वर्ग की देवी, भगीरथ का तपोबल महान … Read more

शत-शत नमन

डाॅ.देवेन्द्र जोशी  उज्जैन(मध्यप्रदेश) ******************************************************************** शत-शत नमन है धरा की धूल को, जन्म दिया जिसने बलराम से फूल को। फूल जो मातृभूमि की भेंट चढ़ गया, देख दुश्मन को वो आगे बढ़ गया। बिना रूके बिना डरे लड़ता ही गया, सीना ताने बहादुरी से बढ़ता ही गया। आतंकियों से लड़ते-लड़ते कुर्बान हो गया, माँ का लाड़ला … Read more

मंगल मूरत शुभ देव गणेश

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** जै जै जै गणपति गणनायक, शुभ कर्मों के देव विनायक! जै जै जै गणपति गणनायक!! मातृभक्ति की शक्ति प्रथम पूज्यते देव गज़ानन, जै जै जै गणपति गणनायक! शुभ कर्मों के देव विनायक, जै जै जै गणपति गण नायक!! महादेव शिव शंकर के सत्य प्रकाश, महाकाल रूद्राअँश भय भव,भंजक बाधा … Read more

हमीं ने देर कर दी इजहार में…

चतुरसिंह सी.एस .’कृष्णा’ भरतपुर (राजस्थान) ******************************************************** रात-भर जागता रहा उसके फोन के इंतजार में। शायद हमीं ने देर कर दी उससे इजहार में। सोचता हूँ तो आज भी दिल दहल जाता है, पता नहीं क्या कमी थी हमारे किरदार में। जरा संभल कर रहें,इत्मिनान बरतें, चोर-उचक्कों का दबदबा है सरकार में। बेशक मर गये पर ज़मीर … Read more

राष्ट्र प्रेम

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- देशप्रेम एक गुरूमंत्र है,सबको यही सिखाना है, कर पुरुषार्थ देश को अपने उन्नत हमें बनाना हैl हर घर पर लहराए तिरंगा,जन गण मन का गान हो, वंदेमातरम् गूँजे,ऐसा हिन्दुस्तान बनाना हैl राष्ट्रप्रेम जिस हृदय नहीं,हृदय नहीं वो पत्थर है, देशभक्ति का दीपक हमको हर दिल में जलाना हैl सारा … Read more

थोड़ा-सा मुस्कुराइये…

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ तनाव भरी है यह जिंदगी, थोड़ा-सा मुस्कुराइयेl सुरम्य प्रकृति की गोद में, थोड़ा-सा भ्रमण कर आइयेl बिखरी बिखरी-सी है जिंदगी, मेरे हमसफ़रl मिले फुरसत तो, कोई मीठा-मीठा संगीत गुनगुनाइयेll परिचय-निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी जन्म तिथि ५ मई १९६९ और जन्म स्थान-ऋषभदेव है। वर्तमान … Read more