झूठी दुनिया

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** चुनौतियां बन गया तुम्हारा तिरस्कार, झूठी दुनिया और अपना घर परिवार। देखो भौंक रही हैं मेरी समस्त गज़लें, और अक्षर बन गए तेज धार तलवार। मुझे शिक्षा दे रहे शराबी और जुआरी, एवं चुपचाप तमाशा देख रही सरकार। लोकतंत्र में मात्र मतदाता पूजे जाते हैं, जिस कारण … Read more

सम्मान दो

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ होगा जहां अपनों में स्नेह प्यार, खिल जायेंगे वो,घर और परिवार। दोगे यदि माता-पिता को,तुम सम्मान, तो निश्चित ही,पाओगे अपार प्यार॥ महक जायेंगे वो,घर और परिवार, मिलता है जिनको,मात-पिता का प्यार। किस्मत वाले होते हैं वो परिवार, जिनको मिलता है, बड़े-बूढ़ों का प्यार॥ बेटे -बहू का कुछ, बनता है फर्ज, हर … Read more

राह मंजिल की

शरद कौरव ‘गंभीर’  गाडरवारा (मध्यप्रदेश) ************************************************** कहना सरल करना कठिन, मंजिल को पाने के लिए इस दु:ख भरे संसार में भी, सुख को पाने के लिए। तकलीफ नतमस्तक भी हो जायें अगर तू डट गया, समझ ले कि काल का जंजाल सर से हट गया समय होगा वो तेरा जग को दिखाने के लिए। कहना … Read more

धर्मपत्नी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** जीवनसाथी आज जो,थी पहले अनज़ान। पली बढ़ी तरुणी बनी,तजी गेह अभिमान॥ एकाकी थी जिंदगी,सूना था संसार। मन ख्वाबों से था भरा,अपना हो परिवार॥ पढ़ी-लिखी हो रूपसी,शील त्याग मृदु भास। सुगृहिणी और संगिनी,प्रेम सरित आभास॥ बहुत जतन के बाद में,मिली सुकन्या एक। परिणीता वैदिक विधा,मिली संगिनी नेक॥ नववधू बन … Read more

मेरा भीम महान

बुद्धिप्रकाश महावर मन मलारना (राजस्थान) **************************************************** जगत में छाया रे,मेरा भीम महान, हँसते-हँसते कुर्बान हुए हैं,ये भारत की शान। मान दिया,सम्मान इसी ने,जीने की राह दिखाई, तोड़ दिए बन्धन वो पुराने शिक्षा की अलख जगाई। पिछड़ों का उद्धार किया है, भारत को संविधान दिया है। तू जग की पहचान, मेरा भीम महान। आन-बान और शान हमारी,तू … Read more

यंत्रणा

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** उसका दमन,तिरस्कार उसकी यंत्रणा उतनी ही प्राचीन है, जितना कि पारिवारिक जीवन का इतिहास असंगत और मन्द प्रक्रिया में, उसने हिंसा को हिंसा की दृष्टि से देखा ही नहीं कभी, वह स्वयं भी हिंसा से इंकार करती है धार्मिक मूल्य और सामाजिक दृष्टि का बोझ, उसके कंधे पर … Read more

सपनों का भारत हो साकार

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** रामनवमी की आपको बहुत बहुत बधाई, रामनवमी की आपको बहुत बहुत बधाई। खुशियां मिलें जग में यही प्रार्थना रघुराई, साथ रहे सभी जन जैसे हो अयोध्या के चारों भाई। रामनवमी की आपको बहुत बहुत बधाई॥ हुआ है अवतरण आज हमारे प्रभु राम का, करें त्याग काम क्रोध लोभ … Read more

ओले

डॉ.आभा माथुर उन्नाव(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************************** व्यथित बहुत तू जी भर रो ले, रो मेरे मन हौले-हौले… सुबह हुई फिर वही उदासी, संगी न कोई,न कोई साथी… रीती-सी इन आँखों में अब, चाह नहीं अब कोई बाकी अश्रु गिराते दु:ख के ‘ओले’ रो मेरे मन हौले-हौले। आ पहुँचा ऋतुराजी मौसम, मेरे लिये सभी एकसम… मैं हूँ … Read more

वक्त

जसवंतलाल खटीक राजसमन्द(राजस्थान) ************************************************************* वक्त-वक्त की बात है, जीवन नहीं आसान है। वक्त जब मारे पलटी, जीवन नरक समान है॥ जब भी वक्त ने खेला, साधु बन जाता है चेला। कर दे गर लापरवाही तो, वक्त कर देता अकेला॥ कल तक जो था राजा, वक्त के आगे बना फकीर। वक्त किसी का नहीं होता, छोड़ना … Read more

मतदान

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** रखने को स्वस्थ लोकतंत्र, आओ करें मतदान। अपने स्वार्थों से ऊपर उठ, देश के लिए जागें हम। हम चाहते हैं हर तरफ स्वस्थ वातावरण हो, इसके लिए करें मतदान। लोकतंत्र तो ऐसा हो, जिसमें समानता की बात हो न हो कोई भेदभाव, न किसी को हो अभाव। समानता की बात … Read more