झूठी दुनिया
इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** चुनौतियां बन गया तुम्हारा तिरस्कार, झूठी दुनिया और अपना घर परिवार। देखो भौंक रही हैं मेरी समस्त गज़लें, और अक्षर बन गए तेज धार तलवार। मुझे शिक्षा दे रहे शराबी और जुआरी, एवं चुपचाप तमाशा देख रही सरकार। लोकतंत्र में मात्र मतदाता पूजे जाते हैं, जिस कारण … Read more