पागल

अंतुलता वर्मा ‘अन्नू’  भोपाल (मध्यप्रदेश) ************************************************************ जब आप प्यार से ‘पागल’ बोलते हो न, कसम से बता नहीं सकती मेरे ये यहसास..! ऐसा लगता है जैसे, सीधे दिल में उतर गये तेरे ये अल्फ़ाज़..! दिल को छू लेता है, तेरा पागल बोलना…। तेरे लिए, मेरा पागल बन जाना कोई तो है, जो प्यार से कुछ … Read more

शब्द-ब्रह्म

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* शब्द जो मचाते हैं धूम, कभी शांत,कभी उन्मुक्त पनपते मस्तिष्क हृदय में, लुभाते जोड़ते बाँधते तोड़ते,फिर जोड़तेl निर्माण करते, बड़े अनोखे येे शब्द गूंजते सदियों से, धरती से क्षितिज तकl प्रेम में,स्नेह में,युद्ध में, गीता उपदेश में हर पल अनोखेl ये ब्रह्म शब्द नहीं बंधते, किसी परिभाषा में…ll … Read more

क्या होगा दुनिया छोड़कर

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** साक़ी अगर उदास हुआ,मयकश को आता देखकर, ख्याल-ए-जन्नत ख्वाब है,क्या होगा दुनिया छोड़कर। उनकी मुस्कराहट में छुपे राज का,कैसे पता चले, रोने का फरेब कर लेते हैं,जो आँखों को पोंछकर। तेरी गली में गुजारी जिंदगी,दिल का हाल बताने को, अब क्या पूछना चाह रहीं वो,मेरा जनाजा रोककर। खरीदने वाले की … Read more

आँगन की कली

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* एक कली आँगन में आई सम्मान-सत्कार मिला, खिली मुस्कराई सुवासित किया आँगन समाज व बाबुल का, गई ससुराल सुवासित करने कोl ससुराल के अहम आकांक्षाओं, लालच व संकीर्णता के प्रदूषित झँझावत आये, सम्भालना चाहा न सम्भले अंतर्वेदना कभी किसी से न कही स्वयं में घुलती रही, मिटी,चली गयी… अपना आशियाना … Read more

लोकतंत्र

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** लोकतंत्र की ताकत,नेताओं की है पूजा, यज्ञ हवन में आहुति डाले, मंगलाचार तंत्र-मंत्र रट डालेl साधुओं का लगा जमघट भूखे पेट भजन ना हो गोपाला, यह लो अपनी कंठी माला। मंदिरों में मंजीरे बजते,जो कभी राम ना कहे, वो राम है रटते,नैया कैसे पार लगेगी। दिन-रात भटकते,तपती धूप में भी चलते, … Read more

मुस्कराते रहो

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ जिंदगी में सदा, मुस्कराते रहो। फासले कम करो, दिल मिलाते चलो॥ दर्द कैसा भी हो, आँखें नम न करो। रात काली ही सही, पर गम न करो। एक सितारा बनो, जगमगाते रहो। फासले काम करो, दिल मिलाते चलो॥ जिंदगी में सदा… बाँटना है अगर, बाँट लो हर खुशी। गम न जाहिर … Read more

प्यार भरा खत

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** प्यार भरा तेरा, खत जो मिला झूम उठी रे सजन, बादल के आने से, जैसे नाचें मोर मगन। ओरे सजन… ओरे सजन… तेरे ख़त का है ये असर… प्यार भरा… खत में जो तुमने, लिखी प्यारी बातें सोच-सोच मैं शरमाऊं, तुम जानो या मैं जानूं कैसे सबको बतलाऊं, झुम रही है … Read more

बेनाम रिश्ता

जसवंतलाल खटीक राजसमन्द(राजस्थान) ************************************************************* सब कुछ थी वह पगली,मेरी जिंदगी व मेरा रब, मेरे दिल की थी धड़कन,मेरा प्यार मेरा मजहब। मेरा पहला प्यार थी,किसी की अमानत बन गयी, मेरे बुने सपनों की मंजिल,पलभर में क्यों ढह गयी। जीते-जी क्यूँ मार दिया,ऐसा भी क्या गुनाह किया, दो पंछियों की रूह को,जिस्म से क्यूँ अलग किया। … Read more

तोहफ़ा

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* तोहफ़े में लाया दिल हूँ, जरा कबूल कीजिये। धड़कन तुम्हीं हो इसकी, ये जान लीजिए। जब सीमा पर हो दुश्मन, ललकारता हमें। तोहफ़े में उनको गोलियों, से भून दीजिये। ईश्वर ने जो तोहफ़ा दिया, बच्चों का है हमें। संस्कारों से सदा उन्हें, बस सींचते रहिये। प्रकृति का अनुपम, उपहार … Read more

आजादी की गाथा

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** जीने में मजा नहीं है भैया अब तो हमें मर जाने दो, कितना दुःख झेला है हमने ये तो हमें बताने दो। ये कविता है वीर पुरूष की और हमें बस गाने दो, जीने में मजा नहीं है भैया… अब तो हमें मर जाने दो। कितनी माताओं की कोख उजड़ी ये … Read more