एक विचलित नागरिक है इन कविताओं में
इंदौर। श्रीराम दवे की कविताओं में एक विचलित नागरिक है,और समकाल में घटते हुए से परेशान होता है। यह ईमानदारी से लिखी गई कविताएँ हैं। यह बात चित्रकार,चिंतक और कथाकार प्रभु जोशी ने जनवादी लेखक मासिक रचनापाठ में श्रीराम दवे की कविताओं पर चर्चा करते हुए कही। १५ जून को देवी अहिल्या केन्द्रीय पुस्तकालय में … Read more