दासतां जुबां पे ना आये…
एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’ गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** गर कहीं मुलाक़ात हो जाये, खुदा करे तेरी याद ना आयेl ना गिले ना शिकवे, उलफत नफरत की दासतां, जुबां पे ना आयेll बिखर गया अरमाने मुहब्बत, उजड़ी जिन्दगी का चमन वीरानl कारवां का अजनबी कहीं फिर न मिल जायेll जवां दिल की मुहब्बत का जुनून इंतज़ार का, लम्हा-लम्हा … Read more