गणतन्त्र में गुणतन्त्र का समावेश हो

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** देश में आधुनिक गणतन्त्र व्यवस्था के स्थापना की आज जयन्ती है। इसी दिन सन् १९५० को भारत द्वारा अधिनियम-१९३५ को हटाकर अपना संविधान लागू किया गया था। एक स्वतन्त्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए सन्विधान को २६ नवम्बर १९४९ को संविधान सभा द्वारा अपनाया … Read more

जय गणतंत्र,जय भारत

डाॅ. मधुकर राव लारोकर ‘मधुर’  नागपुर(महाराष्ट्र) ************************************************************************* गणतंत्र दिवस स्पर्धा विशेष……… गणतंत्र दिवस के दिन,प्रातः ही दीक्षा,स्कूल जाने तैयार हो गयी थी।दीक्षा को अपने मित्रों के साथ,गीत और नृत्य की प्रस्तुति देनी थी। दीक्षा ने अपने पिता सुरेश को आवाज दी-“बापू,जल्दी तैयार हो जाओ। मुझे स्कूल जल्दी पहुंचना है। पता है ना,आज 26जनवरी है।” सुरेश … Read more

`शीशा-ए-‍दिल` ही नहीं, ‘शीशा-ए-दिमाग’ भी मुमकिन…!

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** अभी तक दिल का रिश्ता शीशे से ही हुआ करता था,क्योंकि वह शीशे के माफिक टूट फूट जाता था। गाहे-बगाहे तड़क भी जाता था और कभी भी जुड़ भी जाता था,लेकिन इटली में हुई ताजा खुदाई और विश्लेषण से पता चला है कि इंसानी दिमाग भी शीशे में तब्दील हो सकता … Read more

भारतीय गणतंत्र की दास्तान कहती कृति `हम भारत के लोग`

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** भारतीय गणतंत्र की स्थापना के ७०वें साल में वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद् डॉ. देवेन्द्र जोशी की हाल ही में प्रकाशित कृति `हम भारत के लोग` में उनके द्वारा गणतंत्र की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा को सप्रमाण सचित्र उभारा गया है। पुस्तक की शुरूआत हम भारत के लोग … Read more

सुदीर्घ राजनीतिज्ञ:भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘गठ’ से निकला एक स्वयंसेवक भाजपा का विस्तारित ‘गठन’ भी करेगा और सरकार के मुख्य दल का अध्यक्ष होने के नाते ‘गठबंधन’ धर्म का पालन भी करेगा। इस बात का साक्षी आने वाला समय बनेगा। यह भविष्यवाणी अब चरितार्थ हो गई,जब जगत प्रकाश नड्डा विश्व की सबसे … Read more

अमीरी-गरीबी:विषमता पर प्रतिबंध क्यों नहीं ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** आक्सफोम की एक रपट ने मुझे चौंका दिया। उसके मुताबिक भारत के एक प्रतिशत अमीरों के पास देश के ७० प्रतिशत लोगों से ज्यादा पैसा है। ज्यादा याने क्या ? इन एक प्रतिशत लोगों के पास ७० प्रतिशत लोगों के पास जितना पैसा है,उससे चार गुना ज्यादा है। सारी दुनिया … Read more

`नेताजी` सुभाष चंद्र बोस-जीवन और प्रभाव

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** #साहित्य के आलोक में नेताजी-`नेताजी` सुभाष चन्द्र बोस का जन्म १८९७ में कटक में जानकी नाथ बोस की १४ सन्तानों में नवी संतान के रूप में हुआ,जब भारत अंग्रेजों का गुलाम था! नेताजी संभ्रांत बंगाली विरासत वाले बंगाली समाज के कायस्थ परिवार में जानकी नाथ बोस और माँ प्रभावती … Read more

कै. अमरेन्द्र: राजधर्म पर हावी राजनीति धर्म

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** राजधर्म पर अगर स्वार्थपरक राजनीति का धर्म हावी हो जाए तो,वही होता है जो पंजाब विधानसभा में हुआ। कांग्रेस के नेतृत्व वाली कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की सरकार ने विधानसभा में ‘नागरिकता संशोधन विधेयक’ के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है और इसे संविधान के खिलाफ बता कर इसे वापिस लेने की मांग … Read more

भाजपा पीछे नहीं हटेगी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** आज तीन-चार खबरों को एक साथ रखकर मैं सोचता रहा कि आशा की किरण भी उभर रही है और साथ ही घनेरे बादल भी छाते चले जा रहे हैं। एक तरफ डोनाल्ड ट्रम्प और इमरान दावोस में मिल रहे हैं और ट्रम्प कह रहे हैं कि आप चाहें तो मैं … Read more

असंतुलित आर्थिक संरचना पर मंथन जरूरी

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में ऑक्सफैम ने अपनी रिपोर्ट ‘टाइम टू केयर’ में समृद्धि के नाम पर पनप रहे नये नजरिए, विसंगतिपूर्ण आर्थिक संरचना एवं अमीरी गरीबी के बीच बढ़ते फासले की तथ्यपरक प्रभावी प्रस्तुति देते हुए इसे घातक बताया है। आज दुनिया की समृद्धि कुछ लोगों तक केन्द्रित हो … Read more