हार सिखाती है,लड़ने का जज्बा बढ़ाती है
राज कुमार चंद्रा ‘राज’ जान्जगीर चाम्पा(छत्तीसगढ़) *************************************************************************** ‘हार’ एक ऐसा शब्द,जिसे कोई पसन्द नहीं करता है जिसका सीधा सम्बंध निराशा से है,पर हार का विश्लेषण करें तो पाते हैं कि हार हमारी उन कमियों को उजागर करती है जिससे हम अछूते रहते हैं। हार सही मायने में अनुभव का सागर है,स्वयं के बारे में सोचने … Read more