हिंदी का शब्द रखा जाए

मुद्दा-वेबिनार बनाम अपने शब्द प्रो. विमलेश कांति वर्मा (दिल्ली)- यह आवश्यक है कि हिंदी में वेबिनार के बजाए हिंदी का शब्द रखा जाए। इस समय जबकि सभी स्तरों पर बड़ी संख्या में वेबसाइट और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से संगोष्ठी आयोजित की जा रही है तो इस समय वेबिनार के बजाय हिंदी में इसके सर्वमान्य पर्याय को … Read more

हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं में वेबिनार की क्या दरकार ? अपना शब्द क्यों न अपनाएँ

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ मुम्बई(महाराष्ट्र)*************************************************************** कोरोना के संक्रमण काल में अचानक अनेक इलैक्ट्रॉनिक माध्यमों द्वारा संगोष्ठियों का आयोजन किया जाने लगा है और अंग्रेजी की तर्ज पर इन संगोष्ठियों को हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में भी वेबिनार कहा जाने लगा है। अगर अभी नहीं जागे,तो वेबिनार हमारे संगोष्ठी शब्द को भी ले बैठेगा। इसलिए … Read more

लगन,मेहनत और अभिनय से किरदार बनता सचिन

इदरीस खत्रीइंदौर(मध्यप्रदेश)******************************************************* माना कि मेरी ज़ात सिकन्दर तो नही हैं, हारते रहना भी मुकद्दर तो नहीं है एक रोज पार कर जाऊँगा तुझे भी, तू मेरी ज़िंदगी का पहला समुन्दर तो नहीं हैlदोस्तों आँखें होती छोटी हैं,पर सपने हमेशा बड़े देखती हैंl इन्हीं पंक्तियों को चरितार्थ किया सागर(मप्र) के सचिन नायक नेl सामान्य कद-काठी वाले … Read more

चीनी-हिन्दी भाई नहीं रहे

जीवनदान चारण ‘अबोध’  पोकरण(राजस्थान) ****************************************************************** पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित विश्व के २ महान देश,जिनका नाम लेते ही विश्व पटल पर स्थित जनमानस का ख्याल आता हैlजनसँख्या से लबरेज विश्व के चोटी के राष्ट्र हर समय वैश्विक मामलों में हस्तक्षेप करने वाले,लोगों को संकट से निपटने का पाठ पढ़ाते हुए सही पथ प्रदान करने वाले देश, आज … Read more

महत्वाकांक्षा-सम्मान न मिलना मानसिक रोग तो नहीं!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** वर्तमान राजनीति महत्वाकांक्षा और सम्मान न मिलना यानी अपमान इस समय राजनीति में बहुत अधिक प्रचलन में है। ऐसा कौन व्यक्ति होगा,जिसकी सभी महत्वाकांक्षा पूरी हुई होगी और ऐसा कौन व्यक्ति न होगा जिसकी कभी बेइज्जती न हुई हो। व्यक्ति जन्म लेता है,यदि वह घर में बड़ा हुआ और उसके छोटे भाई-बहिनों ने … Read more

राष्ट्रवाद ही भारतीयता

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)******************************************************************* हर देशवासी कहता है कि उसे अपनी मातृभूमि से,अपनी मिटटी से प्रेम है,किन्तु क्या हम वाकई अपनी मातृभूमि से प्रेम करते हैं या सिर्फ छद्म देशभक्ति का लबादा ओढ़े रहते हैं। वैश्वीकरणके इस दौर में देशभक्ति एवं राष्ट्रीयता के मायने बहुत संकुचित हो गए हैं। १९४७ में कहने को तो हम … Read more

सावन और बचपन

रोशनी दीक्षितबिलासपुर(छत्तीसगढ़)********************************************************************* आज शाम से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। सड़कों पर धीरे-धीरे पानी भरना शुरू हो गया है। टी.वी. पर भारी बारिश की चेतावनी की खबर आ रही थी। मेरे १० वर्ष के बेटे ने सहसा ही मुझसे पूछ लिया-“मम्मी जो लोग सड़कों पर रहते हैं,जिनके घर नहीं हैं वो लोग क्या करेंगे … Read more

अपराध-विकास:आँख खोलती है घटना

९ जुलाई की सुबह टेलीविजन पर दिखाई पड़ा कि कानपुर के पास के बिकरू गाँव का विकास दुबे,जिसने ८ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी और भागा-भागा फिर रहा था,को उज्जैन के महाकाल मंदिर से निकलते समय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। और उसे थाने ले जाया गया। दुबे की गिरफ्तारी की बात सब जगह … Read more

मजदूरों की राहत बढ़ाएं

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** तालाबंदी के दौरान जो करोड़ों मजदूर अपने गाँवों में लौट गए थे,उन्हें रोजगार देने के लिए सरकार ने महात्मा गांधी रोजगार योजना (मनरेगा) में जान डाल दी थी। सरकार ने लगभग साढ़े ४ करोड़ परिवारों की दाल-रोटी का इंतजाम कर दिया था,लेकिन इस योजना की ३ बड़ी सीमाएं हैं। एक तो यह … Read more

मातृभाषा में शिक्षा की वकालत की विश्वसनीय आवाज़ प्रो. जोगा सिंह-प्रो. अमरनाथ,कलकत्ता

प्रो. जोगा सिंह वास्तव में हिन्दी के योद्धा नहीं हैं,उनकी मातृभाषा पंजाबी है। वे मातृभाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाने की लड़ाई लड़ रहे हैं और उन्होंने अपने जीवन का यही मिशन बना लिया है। यदि ऐसा होता है तो देश के ९९ प्रतिशत विद्यार्थियों को फायदा होगा। इससे सबसे ज्यादा फायदा हिन्दी को मिलेगा, … Read more