मेरा सुंदर गाँव निराला
आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** मेरा सुंदर गाँव निराला। हर्षित मन को करने वाला।शुद्ध हवा जो निसदिन आये। तन-मन को सब शुद्ध बनाये॥ पंक्षी मधुरिम गीत सुनाते। चीं-चीं करके हृदय लुभाते।निर्मल वातावरण लुभाता। सेहत सबके मन को भाता॥ गोबर के कंडे से जानो। धुँआ मारता मच्छर मानो।घर-आँगन है मन को भाता। गोबर से जब है लिप … Read more