फटेहाल बच्चे
वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** स्वयं पे ही सभी रहते हैं वशीभूत अब, कोई भी किसी की नहीं सुनता जहान में। भूख और प्यास लिये मरते मनुष्य पर, लोग तो यकीन अब रखते हैं श्वान में। श्वान को खिलाया,नहलाया व घुमाया जाता, कभी सड़कों पे,कभी कार में बागान में। किन्तु कई लाख बच्चे हो … Read more