पलायन
डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** गाँव और खलिहान सब, रहते थे भरपूर। घर-घर में खुशियां भरी, पुष्प बिखेरे नूरll गरमी या बरसात हो, या सर्दी हेमंत। चहल-पहल थी गाँव में, सुनते वाणी संतll हुआ आज क्या अचानक, गाँव हुए वीरान। धरती बंजर है पड़ी, बाग खेत खलिहानll घरों में ताले हैं पड़े, आँगन उगी है … Read more