मानसून
डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** मानसून की आस में,कृषक का यह विश्वास। बरसेगा जल अब यहां,बुझे सभी की प्यासll धरती सूखी ग्रीष्म में,तड़प रहे बिन नीर। मेघराज पर दृष्टि है,मोर,पपीहा,कीरll चातक का प्रण हिल रहा,टूट रहा है धीर। इंद्रदेव से विनय कर,दे दो थोड़ा नीरll खेत और खलिहान सब,पनघट धारे रीत। बरसो बादल अब दया,कर … Read more