जल बिन धरती सून
बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)**************************************** ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… आजा बादल आज तू,जल बिन धरती सून।तुझे पुकारे ये जहाँ,पादप वृक्ष प्रसून॥ देखो हाहाकार है,तड़प रहे हैं लोग।मानसून अब आ गिरो,शीघ्र बना दो योग॥ जीव-जन्तु-मानव सभी,करे प्रार्थना आज।शीतल जल वर्षा करो,बन जाये सब काज॥ घिरते बादल आज तुम,करो तेज बरसात।जन-जीवन खुशहाल हो,बने सभी की … Read more