जीवन है अनमोल

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* दुर्लभ मानव देह जन,सुनते कहते बोल। मानवता हित ‘विज्ञ’ हो,जीवन है अनमोल॥ धरा जीव मय मात्र ग्रह,पढ़े यही भूगोल। सीख ‘विज्ञ’ विज्ञान लो,जीवन है अनमोल॥ मानव में क्षमता बहुत,हिय दृग देखो खोल। व्यर्थ ‘विज्ञ’ खोएँ नहीं,जीवन है अनमोल॥ मस्तक ‘विज्ञ’ विचित्र है,नर निजमोल सतोल। खोल अनोखे ज्ञान पट,जीवन है अनमोल॥ ‘विज्ञ’ … Read more

गृहवास करो अविराम

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** जनमानस मझधार में,कोराना संताप। नभप्रभात आरोग्य जग,मिटे रोग हर पाप॥ इस आपद के समय में,गृहवास करो अविराम। निर्मल कर श्री राम मन,रख दूरी सुखधाम॥ रख रुमाल कर साफ मुख,कर केहुनी उपयोग। सब मिल रोकें क्रान्ति कर,भागेगा यह रोग॥ आएगी अरुणिम सुबह,खुशियाँ मुख मुस्कान। महकेगा गृहवास फिर,आश रखो भगवान॥ … Read more

झरोखा

मनोरमा चन्द्रा रायपुर(छत्तीसगढ़) ******************************************************** सूर्य किरण की लालिमा, लगे मुझे शुभ आज। देख आँख मदहोश है, रूप-रंग का साज! आँख झरोखे देखते, जो रखते हैं ध्यान। पढ़ लेते अनुमान से, किस तन में अज्ञान॥ खिड़की शोभा महल का, दृश्य प्रकाश दिखाय। इससे रोशन घर हुए, मन उमंग भर जाय॥ नेह भाव से जुड़ चलो, मित्र … Read more

पानी है अनमोल

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* क्षिति जल पावक नभ पवन,जीवन ‘विज्ञ’ सतोल। जीवन का आधार वर,पानी है अनमोल॥ मेघपुष्प,पानी,सलिल,आप: पाथ: तोय। ‘विज्ञ’ वन्दना वरुण की,निर्मल मति दे मोय॥ जनहित जलहित देशहित,जागरूक हो ‘विज्ञ।’ जीवन के आसार तब,जल रक्षार्थ प्रतिज्ञ॥ वारि अम्बु जल पुष्करं,अम्म: अर्ण: नीर। उदकं,घनरस शम्बरं, ‘विज्ञ’ रक्ष मतिधीर॥ सरिता तटिनी तरंगिणी,द्वीपवती सारंग। नद सरि … Read more

टल जाएगा वक्त यह

सुरेश चन्द्र ‘सर्वहारा’ कोटा(राजस्थान) *********************************************************************************** ‘कोरोना’का वाइरस,फैल सकल संसार। मचा रहा हर देश में,भीषण हाहाकार॥ मानव का अस्तित्व ही,है संकट में आज। सिर पर बैठा हँस रहा,कोरोना का ताज॥ आफत आई चीन से,लिया चैन-सुख छीन। कोरोना के सामने,मनुज लग रहा दीन॥ कोरोना ने छेड़ दी,नए ढंग की जंग। बिना लड़ाई कर रही,जो धरती बदरंग॥ अर्थव्यवस्था … Read more

मन में नयी उमंग हो

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** कभी न डिगना चाहिए,करना सतत् प्रयास। सदा आत्म विश्वास से,पूरी होगी आस॥ बढ़ना निज कर्तव्य पर,करके दृढ़ विश्वास। तभी सफलता आपकी,आएगी घर पास॥ मन में नयी उमंग हो,होंठों पर मुस्कान। सदा आत्म विश्वास से,कठिन कार्य आसान॥ निज हित को पहचानिए,धीरज मन में धार। करो काम ईमान से,मुट्ठी में … Read more

घर में छुपकर ही लड़ें

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** ऐसी विपदा आ गयी,हुये सभी मजबूर। लम्बी दूरी नापते,पैदल ही मजदूर॥ आया रोग जहाज से,सहम गए हैं लोग। लाये इसे अमीर पर,रंक रहे हैं भोग।। जीवन की हर ओर ही,सूख रही है डाल। मन रोता है देखकर, इस दुनिया का हाल॥ शहर नहीं अब गाँव भी,लगते हैं वीरान। अनहोनी … Read more

रखना उर में आस

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** हँसकर मेरे गाँव का, ‌कहता फूल बुराँस। आयेगी रे लालिमा, रखना उर में आस॥ बूढ़े,बालक साथ में, करते भोजन यार। बड़े दिनों के बाद ये, लगता है परिवार॥ मोदी जी अवतार हैं, कलियुग के भगवान। अँधियारा हरते सदा, लाते मधुर विहान॥ ताने देकर गाँव की, कहती जौ की बाल। अरे … Read more

नवयुग का संदेश सुन

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ***************************************************************************** नवयुग का संदेश सुन,सुधर जरा इंसान। देख रहा भगवान है,मत कर तू अभिमान॥ छेड़छाड़ तू प्रकृति से,करता बारम्बार। देख रहा तू आज है,अपना यह अपमान॥ मानवता को छोड़कर,वैज्ञानिकता दंभ। करतूतें करता रहा,देख खुदा हैरान॥ स्वार्थ,लोभ,संचय प्रवृत्ति,बन बैठा यमदूत। खुद ओखल में सिर धरे,लाया मौत जहान॥ दूर हुआ भगवान से,नैतिकता से … Read more

एकता

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** अनेकता में एकता,भारत की पहचान। एक सूत्र में हैं बँधे,संस्कृति यहाँ महानll प्यारे-प्यारे फूल-सी,जाति वर्ण सम भान। अपने-अपने धर्म को,माने सभी सुजानll रंग भेद कुछ भी नहीं,भाई-भाई साथ। मिलकर करते काम हैं,ले हाथों में हाथll हिन्द हमारी जान है,हिंदी हिंदुस्तान। हिन्द महामानव बना,हिंदी से पहचानll गाँव-शहर में एकता,विपद … Read more