‘महावीर’ के सिद्धांत श्रेष्ठतम उपाय है कोरोना को हराने में

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** महावीर जयंती-६ अप्रैल विशेष…………. आज सारा विश्व ‘कोरोना’ की चपेट में है,सभी देश अपने-अपने स्तर पर प्रयासों से इसे हराने में लगे हुए हैं। इस विश्वव्यापी समस्या से निपटने में विश्व के सभी देशों के बीच में भारत एक महाशक्ति बनकर उभरने की तैयारी में है। भारत विश्व की एक … Read more

महावीर की क्रांति का अर्थ है ‘संयम’

आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि नई दिल्ली(भारत) ************************************************************************* महावीर जयन्ती-६ अप्रैल विशेष………….. ‘कोरोना’ विषाणु के महासंकट से मुक्ति की अनेक योजनाएं करवटें ले रही हैं। आइए,इस वर्ष हम महावीर जयन्ती मनाते हुए कोरोना मुक्ति के लिए संयम एवं अनुशासन के गुणात्मक पड़ावों पर ठहरें। वहां से शक्ति, आस्था,संयम, संकल्प एवं विश्वास प्राप्त करें। हमें महावीर के जीवन-दर्शन … Read more

श्रीराम हैं न्यायप्रिय शासन व्यवस्था के महासूर्य

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* रामनवमी-२ अप्रैल विशेष………… `रामनवमी` का त्यौहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को उत्सवपूर्ण ढंग से मनाया जाता है। हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार इस दिन मर्यादा-पुरूषोत्तम भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार त्रेतायुग में रावण के अत्याचारों को समाप्त करने तथा धर्म की स्थापना के … Read more

यदि ईश्वर एक है,तो फिर एका क्यों नहीं ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** भारत के कुछ हिंदू और मुस्लिम नेता दोनों संप्रदायों की राजनीति जमकर कर रहे हैं,लेकिन देश के ज्यादातर हिंदू और मुसलमानों का रवैया क्या है ? अदभुत है। उसकी मिसाल दुनिया में कहीं और मिलना मुश्किल है। वाराणसी में संस्कृत के मुसलमान प्राध्यापक के पिता गायक हैं और वे हिंदू … Read more

बैकुंठ चतुर्दशी पर हरिहर मिलन का अदभुत नजारा

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** भारतीय संस्कृति व्रतों,त्यौहारों और पर्वों की संस्कृति है। हर तिथि किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित है और इन तिथियों के अनुसार देवी-देवताओं को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए पर्वों का आयोजन किया जाता है। उनकी उपासना करते हुए हर्षोल्लास के साथ त्यौहारों को मनाया जाता है। कार्तिक मास की … Read more

हम सबके मर्यादा पुरुषोत्तम राम

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** राम सत्य है,मर्यादा है,कर्म है,आदर्श है,अनुकरणीय,हर मन में विराजते और जगत के पालनहार हम सबके मर्यादा पुरुषोत्तम राम हैं। जानें, र का अर्थ है अग्नि,प्रकाश,तेज,प्रेम,गीत। रम (भ्वा आ रमते) राम (कर्त्री धन ण) सुहावना,आनंदप्रद,हर्षदायक,प्रिय,सुंदर,मनोहर। राम शब्द इतना व्यापक है कि साहित्य में परमात्मा के लिए इसके समकक्ष एक शब्द ही आता … Read more

एक पत्र लक्ष्मी जी और गणेश जी के नाम

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) **************************************************** पूज्य माँ लक्ष्मी और प्रथम पूज्य गणेश जी और माँ सरस्वती, चरण कमल में सादर प्रणाम्l हे देवादिदेव प्रथम पूज्य,लंबोदराय,विघ्नहर्ता,गौरीसुत,हे महालक्ष्मी,सृष्टिनियामका,हे विष्णुवामांगी,हे विद्या की देवी,हे वेदवासिनी,हे वीणावादिनी आपकी कुशलता की कामना करूँ,इतना साहस मुझमें नहीं हैl हे देव और हे देवी जरा ध्यान को त्याग कर इस अभागे को … Read more

आत्मा का स्वाभाविक धर्म है क्षमा

क्षितिज जैन जयपुर(राजस्थान) ********************************************************** जैन धर्म में पर्यूषण पर्व के उपरांत ‘क्षमावाणी’ पर्व मनाया जाता है,जिसमें प्रत्येक व्यक्ति अन्य से जाने-अनजाने में किए गए किसी ऐसे काम के लिए क्षमा मांगता है,जिससे उन्हें दुख पहुंचा हो,चाहे वह मन से हो,वचन से अथवा कार्य से। साथ ही,वह अन्य को भी क्षमा करता है। क्षमावाणी ऐसा पर्व … Read more

श्री गणेश तत्व और महोत्सव

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* भगवान गणेश का प्राकट्य भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि को हुआ था- “नभस्ये मासि शुक्लायाम् चतुर्थ्याम् मम जन्मनि। दूर्वाभि: नामभिः पूजां तर्पणं विधिवत् चरेत्॥” तब से लेकर आज तक उनका महोत्सव मनाया जा रहा है। भाद्र पद मास का वैदिक नाम नभस्य है। प्राचीन काल में मिट्टी की मूर्ति बनाकर अनेक विधियों … Read more

मुसलमान और हिंदुत्व

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुखों की मुलाकात को जितना महत्व खबरपालिका में मिलना चाहिए था,नहीं मिला। मोहन भागवत और मौलाना अर्शद मदनी की इस भेंट का महत्व ऐतिहासिक है। ऐसा इसलिए भी है कि,पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इधर कई बार कह चुके हैं कि,आरएसएस और नरेंद्र … Read more