लोकतंत्र में गिरने-गिराने की परम्परा

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** जैसे पीने-पिलाने वालों के मजे होते हैं,वैसे ही राजनीति में गिरने-गिराने के मजे होते हैं। राजनीति में गिराने वाला और गिरने वाला दोनों ही महान माने जाते हैं। राजनीति में आदमी गिरने से पहले पुरजोर कोशिश करता है कि वो किसी को गिरा दे और गिरे नहीं,राजनीति में तो एक-दूसरे … Read more

इमरान पर भरोसा…? भारत अपनी सुरक्षा पर पूरी सावधानी रखे

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कमाल कर दिया। उन्होंने अमेरिका में अपने आतंकवादियों के बारे में ऐसी बात कह दी, जो आज तक किसी भी पाकिस्तानी नेता ने कहने की हिम्मत नहीं की। उन्होंने अमेरिका के एक ‘शांति संस्थान’ में भाषण देते हुए कह दिया कि पाकिस्तान में ३० … Read more

भ्रष्टाचार की काली राजनीति है `कट मनी`

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* पश्चिम बंगाल में एक अजीबोगरीब भ्रष्टाचार-विवाद इन दिनों सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के गले की हड्डी बना हुआ है, और वह है ‘कट मनी’ विवाद। कट मनी अवैध कमीशन है,सरकारी भ्रष्टाचार का घिनौना रूप है। टीएमसी कार्यकर्ता राज्य के ऐसे लोगों से यह कमीशन वसूलते हैं,जिन्हें सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के … Read more

कश्मीरः ट्रंप की मध्यस्थता ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने मेहमान इमरान खान से कह दिया कि नरेंद्र मोदी ने पिछली मुलाकात में उनसे निवेदन किया था कि वे कश्मीर के मामले में मध्यस्थता करें। इस बयान ने हमारे विदेश मंत्रालय में भूकंप ला दिया है। रात देर गए उसने ट्रम्प के दावे का … Read more

लोकसभा की शुरुआत सही दिशा में

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* हर राष्ट्र का सर्वाेच्च मंच उस राष्ट्र की संसद होती है,जो पूरे राष्ट्र के लोगों द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा संचालित होती है,राष्ट्र-संचालन की रीति-नीति और नियम तय करती है,उनकी आवाज बनती है व उनके ही हित में कार्य करती है। राष्ट्र के व्यापक हितों की सुरक्षा करती है। भारत का … Read more

सीता के बेदाग चरित्र पर तो सियासत का दागी दांव न खेलें…!

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** कहावत है ‘सूत न कपास,जुलाहों में लट्ठमलट्ठा।‘ श्रीलंका स्थित दिवुरमपोला में सीता माता का मंदिर बनवाने को लेकर मध्यप्रदेश में दो राजनीतिक जुलाहों सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच कुछ इसी तरह का लट्ठमलट्ठा छिड़ा है। श्रीलंका में सीता एलिया वह स्थान है,जिसके बारे में मान्यता है कि रावण ने … Read more

छत्तीसगढ़ सरकार का विवेकहीन निर्णय

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** भारत देश में औसतन कोई भी व्यक्ति अधिक पौष्टिक नहीं है।अधिकांश कुपोषण से पीड़ित हैं,कारण सामान्य वर्ग को संतुलित आहार नहीं मिलता और निम्न एवं गरीबों को जब पर्याप्त भोजन नहीं मिलता तो वे कुपोषण की श्रेणी में आते हैं। सभी सरकारों का लक्ष्य है कि कुपोषण से कोई पीड़ित न … Read more

सत्ता सत्य है,राजनीति मिथ्या

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** कर्नाटक और गोवा में जो कुछ हो रहा है,उसने सारे देश को वेदांती बना दिया है। वेदांत की प्रसिद्ध उक्ति है-‘ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या’-याने “ब्रह्म ही सत्य है,यह जगत तो मिथ्या है।” दूसरे शब्दों में सत्ता ही सत्य है, राजनीति मिथ्या है। सत्ता ही ब्रह्म है,बाकी सब सपना है। राजनीति,विचारधारा,सिद्धांत, परम्परा,निष्ठा … Read more

कांग्रेसःप्रा.लि.कं. से राजनीतिक दल बनना होगा

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** कांग्रेस के अध्यक्ष पद से राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कई अन्य युवा नेताओं के इस्तीफों की झड़ी लग गई है,लेकिन कांग्रेस के खुर्राट बुजुर्ग नेताओं में से किसी ने भी इस्तीफा नहीं दिया है,क्योंकि चुनाव-प्रचार के दौरान उनका कोई महत्व ही नहीं था। कांग्रेस का मतलब सिर्फ राहुल … Read more

`एक देश-एक चुनाव`…एक तीर से कई निशाने

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** द्रोणाचार्य ने पेड़ पर बैठे पक्षी को निशाना लगाने को बोला,सबने निशाने ताने,पर अर्जुन ने पक्षी की आँख को ही निशाना साधा और वह सफल हुआ। कभी-कभी शांत तालाब पर एक पत्थर फेंको,तो उसकी तरंगें पूरे तालाब में दिखाई देकर विलीन हो जाती हैं। राजा के मन की बात में उसका … Read more