भ्रामक विज्ञापनों से बचें उपभोक्ता
रोहित मिश्र,प्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** सुबह-सुबह अखबार के पृष्ठ को पलटा तो मेरी नजर अखबार के विज्ञापन पृष्ठ पर चली गर्ई,पूरा एक पृष्ठ तो छोटे-छोटे विज्ञापन के स्तम्भों से पटा पड़ा था।एक स्तम्भ देखा तो ऐसे लग रहा था कि,लोग बेवजह ही सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर कोसते रहते है। तुम पढ़े-लिखे हो या अनपढ़… ३०-४० हजार … Read more