भ्रामक विज्ञापनों से बचें उपभोक्ता

रोहित मिश्र,प्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** सुबह-सुबह अखबार के पृष्ठ को पलटा तो मेरी नजर अखबार के विज्ञापन पृष्ठ पर चली गर्ई,पूरा एक पृष्ठ तो छोटे-छोटे विज्ञापन के स्तम्भों से पटा पड़ा था।एक स्तम्भ देखा तो ऐसे लग रहा था कि,लोग बेवजह ही सरकार को बेरोजगारी के मुद्दे पर कोसते रहते है। तुम पढ़े-लिखे हो या अनपढ़… ३०-४० हजार … Read more

सफलता का मूल मंत्र ईश्वरीय आस्था

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ********************************************** यूँ तो परीक्षाएं कई प्रकार की होती हैं जैसे पढ़ाई-लिखाई की उपाधियों की परीक्षा,राजनीतिक एवं कूटनीतिक समस्याओं की चुनौतियों की परीक्षा,सामाजिक कुरीतियों को मिटाने की चुनौतियों की परीक्षा,दहेज न लेकर धर्मपत्नी के सपनों को साकार करने की चुनौतियों की परीक्षा और सरकारी नौकरी में उन्नति की परीक्षा। घर-गृहस्थी … Read more

महाराष्ट्रःमोटी खाल के नेता और भ्रष्टाचार

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा काफी पहले ही हो जाना चाहिए था,लेकिन हमारे नेताओं की खाल इतनी मोटी हो चुकी है कि जब तक उन पर अदालतों का डंडा न पड़े,वे टस से मस होते ही नहीं। देशमुख ने अपने पुलिसकर्मी सचिव वझे से हर माह १०० करोड़ रु. उगाह … Read more

जल बिना सब शून्य

सविता धरनदिया(पश्चिम बंगाल)**************************** ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… चाहे मनुष्य हो या जीव-जंतु सभी के लिए जल आवश्यक है। प्रत्येक प्राणी के लिए ३ चीजें बहुत आवश्यक है-जल,वायु व भोजन।यह तीनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं,केवल प्राणियों के लिए ही नहीं, वरन वनस्पतियों के लिए भी जल परमावश्यक है। मानव को प्रातः काल से … Read more

विश्व की महान संस्कृति का ध्वजवाहक हिन्‍दू नववर्ष

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** नव वर्ष विशेष…………….. सभी जानते हैं वैदिक धर्म संसार का एकमात्र सबसे पुराना धर्म है,जिसका साक्ष्य है ‘वेद’। वेद दुनिया की प्रथम पुस्तक ही नहीं,बल्कि यह मानव सभ्यता का सबसे पुराना लिखित प्रथम दस्तावेज है। चैत्र मास सनातन वैदिक धर्म के संवत्सर का प्रथम मास है और इसका आरम्भ कृष्ण पक्ष … Read more

दलित मसीहा एवं क्रांतिकारी महामानव

ललित गर्गदिल्ली ************************************** डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयन्ती विशेष दुुनिया-जहान और विशेषतः भारत की परिस्थितियों को एक संतुलित,भेदभावरहित एवं समतामूलक समाज की निगाह से देखने एवं दलित जाति के साथ जुड़े सामाजिक और आर्थिक भेदभावों को समाप्त करने के लम्बे संघर्ष के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. भीमराव आम्बेडकर इसी अप्रैल महीने में जन्मे थे। मानव … Read more

जल ही जीवन

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)************************************************ ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… जल शब्द ही अपने-आपमें अनमोल है। ‘जल नहीं तो कल नहीं’,’जल से संवारे कल’ इतने नारे हम सुनते हैं,पर क्या हम जल को सहेजने का प्रयास करते हैं। गर्मी आते ही दुनिया में पेयजल का संकट सामने आता है।आज मनुष्य को लगता है कि,जल की आवश्यकता … Read more

भूमिगत जल का संरक्षण आवश्यक

डॉ.पूर्णिमा मंडलोईइंदौर(मध्यप्रदेश) *************************************** ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… मनुष्य अपने जीवन-यापन के लिए प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहता है,जिसमें जल,वायु,मृदा,वन,जैव विविधता,खनिज,जीवाश्म ईंधन इत्यादिशामिल है।इनमें से जल एकमात्र ऐसा प्राकृतिक संसाधन है,जो प्रत्येक जीव,पौधे एवं जंतुओं को एक समान आवश्यकता होती है। अतः,पानी की खपत बहुत अधिक है। जल का संरक्षण जीवन का संरक्षण है,क्योंकि … Read more

जल से ही जीवन चले

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ************************************** ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… ‘जल से ही जीवन चले,जल से यह संसार।जल से ही यह सृष्टि है,जल है प्राणाधार॥’ हम नित ही सुनते आए हैं कि ‘जल ही जीवन है।’ जल के बिना सुनहरे कल की कल्पना भी नहीं की जा सकती। वस्तुत: जीवन के सभी कार्यों का … Read more

जल है तो कल है

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** ज से जल जीवन स्पर्धा विशेष… शरीर हो या प्रकृति सभी पांच तत्व से बने हैं और वे हैं-जल,वायु,पृथ्वी,अग्नि और आकाश। इन पाँचों में संतुलन बना रहना अति आवश्यक है,तभी हम पर्यावरण को सब तरह से अपने अनुकूल पाएंगे, लेकिन आजकल भिन्न-भिन्न कारणों से इसकी मात्रा में असंतुलन भी होता है … Read more