सबकी नजर में स्त्री के लिए सम्मान आवश्यक

दिपाली अरुण गुंडमुंबई(महाराष्ट्र)***************************** महिला दिवस स्पर्धा विशेष…… विधाता ने सृष्टि का निर्माण किया,उसके केन्द्र में स्त्री को रखा। जिस तरह कुम्हार अपना मटका बनाते वक्त केन्द्र पर गीली मिट्टी रखकर उसे घुमाकर उससे सुंदर नाजुक घट या मटका बनाता है,उसी तरह विधाता ने सृष्टि का निर्माण करते हुए केन्द्र में स्त्री को रखा। इससे यह … Read more

साहस,परिश्रम तथा बुद्धिमत्ता से पहचान बनाती नारी

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)**************************************************** ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ हर साल ८ मार्च को मनाया जाता है। यह विशेष दिन अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं का सम्मान करने और उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाने का दिन है।सबसे पहले ये दिन अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आह्वान पर २८ फ़रवरी १९०९ को मनाया गया था। बाद में इसे … Read more

नारी एक-दायित्व अनेक,पर ठोस सशक्तिकरण बाकी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** महिला दिवस स्पर्धा विशेष…… मनुस्मृति के अध्याय ३ में उल्लेखित ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ (श्लोक ५६) का आशय है ‘जहां स्त्रीजाति का आदर-सम्मान होता है,उनकी आवश्यकताओं -अपेक्षाओं की पूर्ति होती है,उस स्थान,समाज तथा परिवार पर देवतागण प्रसन्न रहते हैं।’ इसी प्रकार हमारे वेदों,ऋग्वेद हो या यजुर्वेद, सामवेद हो या … Read more

शोषण से मुक्ति-समानता मिले,तभी धुरी बनेगी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ********************************************* महिला दिवस स्पर्धा विशेष…… हे पुरुष! वास्तविक रूप में तो मैं केन्द्र हूँ,और तुम धुरी,पर व्यवहार में तुम केन्द्र बने हुए हो,और मैं धुरी होकर रह गई हूँ।ऐसा,इसलिए है,क्योंकि महिला सशक्तिकरण का कार्य फलीभूत नहीं हो पाया है।वास्तव में महिला सशक्तिकरण से जुड़े सामाजिक, आर्थिक,राजनीतिक और कानूनी मुद्दों पर संवेदनशीलता … Read more

उत्तर-दक्षिण भाषा-सेतु के वास्तुकार मोटूरि सत्यनारायण

डॉ. अमरनाथ,कलकत्ता (पश्चिम बंगाल)****************************** हिन्दी योद्धा-पुण्यतिथि विशेष… आजादी के आन्दोलन के दौरान गाँधी जी के साथ हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में विकसित करने का जिन लोगों ने सपना देखा और उसके लिए आजीवन निष्ठा के साथ संघर्ष किया उनमें मोटूरि सत्यनारायण ( २ फरवरी १९०२ से ६ मार्च१९९५) का नाम पहली पंक्ति में लिया … Read more

कर्तव्यों को नहीं निभाते तो अधिकारों का कोई महत्व नहीं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *************************************** मौलिक अधिकार राज्य के अपने नागरिकों के प्रति कर्तव्यों को दर्शाता है,वहीं मौलिक कर्तव्य राज्य के नागरिकों से यह अपेक्षा करता है कि वे भी राज्य के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाएंगे। प्रसिद्ध आदर्शवादी पाश्चात्य विचारक टीएच ग्रीन का कहना था,-‘अधिकार और कर्तव्य एक सिक्के के दो पहलू हैं।’अधिकारों का … Read more

पुरुषप्रधान विश्व रचि राखा

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* हम लोग कितने बड़े ढोंगी हैं ? हम डींग मारते हैं कि हमारे भारत में नारी की पूजा होती है। नारी की पूजा में ही देवता रमते हैं। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते तत्र रमन्ते तत्र देवताः।’ अभी-अभी विश्व बैंक की एक रपट आई है,जिससे पता चलता है कि नारी की पूजा करना तो … Read more

विचाराधीन कैदियों के अधिकार बहुत,पर…

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** आज समाचार पत्र में पढ़ा कि एक कैदी को आगरा जेल से बिना अपराध सिद्ध किए २० वर्ष के बाद न्यायालय ने अपराध मुक्त किया। यह मात्र एक प्रकरण नहीं है,ऐसे हमारे देश में लाखों विचाराधीन कैदी जेलों में सड़ रहे हैं और वे विचारे कभी कभी अकथनीय यातनाओं के कारण मर जाते … Read more

भारतीय किसान की परिस्थिति आज भी खराब

अल्पा मेहता ‘एक एहसास’राजकोट (गुजरात)*************************************** ‘बोए जो बीज खून-पसीना बहा के,आँखों से क्यू फिर आँसूओं की धारा बहती हैमिट्टी को सोना बनाते-बनाते,खुद क्यूँ मिट्टी में मिल जाते हैं।चूल्हा जलाने माचिस की तीली तो मिलती है,पर तवे पे सेंकने रोटी क्यूँ आखिर नहीं मिलती है॥’आज लगभग ९५ फीसदी किसान आधिकारिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे … Read more

हिंदी भाषा की विविधता बनाम विशेषता

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** अपने भारतवर्ष की मातृ भाषा ‘हिन्दी’ की कुछ विविधताओं का उल्लेख कर रहा हूँ। इसी तारतम्य में सबसे पहली बात ये कि समस्त विश्व को ‘ओम’ शब्द पुरातन काल से भारतवर्ष की पूजा-प्रार्थना, आरती,भजन-कीर्तन इत्यादि से मिला,जो सूर्य किरणों के साथ ही सूर्य से उदघोषित होता है। इस बात … Read more