सब नश्वर,चरित्र कमाएं
डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** जिनसे भी जन्म लिया,उसका अंत भी निश्चित है। मनुष्य मन के कारण ही मानव कहलाता है। जबसे मानव का प्रादुर्भाव हुआ,उसमें पाप यानी हिंसा,झूठ चोरी,कुशील और परिग्रह के साथ चार कषायों(क्रोध मान,माया लोभ यानी राग द्वेष) की युक्तता है। मनुष्य किस पर मद करता है- ज्ञानं पूजां कुलम जातिं बलमृद्धिं तपो वपुः।अष्टावाश्रित्य मानित्वं … Read more