संयम व अहिंसा का प्रयोग है कारगर

आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि नई दिल्ली(भारत) ************************************************************************* समूह और समुदाय में शांति रहे,सौहार्द रहे, आपसी मेल-मिलाप रहे,यह जरूरी है,लेकिन समाज में अशांति ज्यादा है,तनाव ज्यादा है,संघर्ष ज्यादा है,डर ज्यादा है। दो होकर रहना संघर्ष में जीना है और यह आधुनिक समय की बड़ी समस्या है। इसके कारणों की खोज लगातार होती रही है। रुचि का भेद,विचार … Read more

वक्त का चमत्कार

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** वायु की तरह ही वक्त के भी कोई सिरे-किनारे या छोर नहीं होते। युगों-युगों से अब तक इस पल तक वक्त की गति पर कोई परिवर्तन नहीं हुआ। वक्त न तो कभी थमा,न ही इसकी गति बढ़ी। हाँ,इतना जरूर होता है कि वक्त स्वयं को बदलकर अपने दायरे … Read more

आमजन का विश्वास जीतें सरकारी चिकित्सक

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ शासकीय स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं को अक्सर लोग नज़र अंदाज़ करते हैं,यथा-सरकारी अस्पतालों में जाने की बजाय ‘नीम हकीम खतरा जान’ के पास जाना ज्यादा पसंद करते हैं,पैसा भी लुटाते हैं,पर चिकित्सकीय परीक्षा पास करने के पश्चात कई वर्षों की पढ़ाई,प्रयोग,चीर-फाड़ के बाद एक बेशकीमती चिकित्सक तैयार होता … Read more

पंजाब आतंकवाद की शतरंजी चालें

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** दो दशकों तक आतंकवाद का दंश झेल चुके देश के सीमावर्ती राज्य पंजाब में आतंकवाद को लेकर ही २ समाचार मिले,जिसने देश को चिंता में डाल दिया है। अमृतसर पुलिस ने ७ मई को २ नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जिनका संबंध खतरनाक जिहादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से सामने आया। एक … Read more

भारतीय संस्कृति और `कोरोना` संकट का एकांतवास

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** विश्व में हमारी संस्कृति की एक अलग पहचान है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व भी है और गौरव भी। हमने सृष्टि के महत्व को समझा,जाना और सम्मान किया है। सृष्टि एवं सृष्टिकर्ता को ईश्वर माना है,सर्वश्रेष्ठ और परम पूजनीय मानकर उन्हें शत-शत नमन किया है। हमारी संस्कृति ने ईश्वर द्वारा … Read more

मैं गाँव हूँ!

‘मैं वहीं गाँव हूँ,जिस पर यह आरोप है कि यहाँ रहोगे तो भूखे मर जाओगे। मैं वहीं गाँव हूँ,जिस पर आरोप है कि यहाँ अशिक्षा रहती है। मैं वहीं गाँव हूँ,जिस पर असभ्य,जाहिल और गवाँर होने का भी आरोप है।’ हाँ,मैं वही गाँव हूँ,जिस पर आरोप लगाकर मेरे ही बच्चे मुझे छोड़कर दूर बड़े-बड़े शहरों … Read more

‘तालाबंदी’ से बढ़े ‘दैहिक विकार’ के रोगी

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** दिन-रात ‘कोरोना’ के बारे में सुनने,देखने और पढ़ने के कारण कुछ लोग बेहद डरे हुए हैं और बार-बार कोरोना के बारे में ही सोच रहे हैं। उनके लक्षणों के बारे में जान रहे हैं। इससे शरीर और मन का संबंध टूट रहा है। यदि किसी व्यक्ति को किसी प्रकार का … Read more

प्रवासी मजदूर:आकर्षक वेतन और सुविधाएं दी जाए,ताकि स्वतः लौट आएं

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** कर्नाटक की सरकार ने अपना फैसला बदलकर ठीक किया। पहले उसने उत्तर भारत के मजदूरों की घर-वापसी के लिए जो रेलगाड़ियां तैयार थीं,उन्हें अचानक रद्द कर दिया था लेकिन सर्वत्र होनेवाली आलोचना ने उसे मजबूर कर दिया कि वह अपने इस फैसले को रद्द करे। यदि इन मजदूरों को ४०-४५ … Read more

साहब,मजदूर की चिन्ता कीजिए

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** श्रमिक हमारे समाज की एक ऐसी मजबूत रीढ़ है, जिस पर समस्त आर्थिक उन्नति टिकी होती है जो मानवीय श्रम का सबसे आदर्श उदाहरण है। हमारे सभी प्रकार के क्रियाकलापों की वह सबसे विशेष धुरी होता है जिसके द्वारा हमारे समस्त कार्य पूरे किए जाते हैं। आज के आधुनिकीकरण एवं … Read more

चुनौतियों से निखरता है व्यक्तित्व

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* चुनौतियों की पवित्रता का रसपान धरा पर बिरले ही करते हैं,क्योंकि कायरों को चुनौती शब्द ही दिन को तारे दिखा देता है,जबकि महारथियों, ज्ञानियों,विद्वानों,मुनियों,आलोचकों,साहित्यकारों, शूरवीरों,महावीरों और कर्मवीरों के लिए चुनौती अमृत समान है,जिसे पीने के लिए वह हमेशा लालायित रहते हैं। चूंकि,वह जानते हैं कि कुम्हार द्वारा … Read more