शांति दूत बुद्ध देव की वाणी का पालन आवश्यक

गोपाल चन्द्र मुखर्जी बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************************************ वैसाखी पूर्णिमा या बुद्धपुर्णिमा व गौतम बुद्ध जी के अवतरण दिवस के अवसर पर भगवान बुद्धदेव जी के श्रीचरणों में प्रणाम एवं श्रद्धार्घ अर्पण। ‘नित्य शुद्ध बुद्ध भव’ यथार्थ ही कहा करते थे ठाकुर परमहंस श्रीरामकृष्णदेव जी,जिसका मर्मार्थ यह है कि जिनका चित्त या मन शुद्ध होता है,वे शुद्ध … Read more

तालाबंदी:विरोधाभासों को एक साथ जीता देश…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** ‘तालाबंदी’ में समूचा देश मानो कई विरोधाभासों को एक साथ जी रहा है। एक तरफ खुली शुद्ध हवा, नदियों का निर्मल जल,नीला साफ आसमान, चहकती चिड़ियाओं के दुर्लभ नजारे,सूनी सड़कें,जा चुकी पारिवारिकता का लौट आना, ‘कोरोना’ कर्मवीरों की जांबाजी तो दूसरी तरफ जीने की सिहराने देने वाली जद्दोजहद,भूख और कोरोना के … Read more

मजदूरों की यात्रा पर राजनीति

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** भारत सरकार ने यह फैसला देर से किया लेकिन अच्छा किया कि प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए रेलें चला दीं। यदि बसों की तरह रेलें भी गैर-सरकारी लोगों के हाथ में होतीं या राज्य सरकारों के हाथ में होतीं वे उन्हें कब की चला देते। करोड़ों मजदूरों की … Read more

बदला हुआ बदलाव जीवन की राह

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’ बहादुरगढ़(हरियाणा) *********************************************************************** सामाजिक,राजनीतिक,आर्थिक और न्यायिक व्यवस्था में बदलाव की बात ही होनी चाहिए, पर इस अदृश्य महामारी ने तो सभी में बदलाव के मायने ही बदल दिए। आज चिंता,चर्चा,सोच, कार्यकलाप इसी को लेकर ही है। अभी तक इसके इलाज की कोई प्रमाणिक दवा नहीं खोजी जा सकी,बस सामाजिक दूरी,घर में रहना,हाथों को … Read more

निष्ठुर सरकार,कैसा सामाजिक सरोकार

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** प्रवासी मजदूरों से रेल किराया वसूलना…………. जिस प्रकार प्रकृति का एक नियम होता है जब बहुत तेज़ गर्मी पड़ती है तब सूर्य अपनी ऊष्मा से जलीय अंश का शोषण करता है चाहे वह नदी,तालाब या समुद्र कहीं का भी होl नदी,तालाब,झील के पानी से उनमें कमी आकर सूखने लगती है,पर समुद्र … Read more

गुरुनानक देव:विश्व दृष्टि और लोक व्याप्ति

प्रो. शैलेन्द्रकुमार शर्मा उज्जैन (मध्यप्रदेश) **************************************************************** भारतीय सन्त परम्परा में गुरुनानक देव जी (१५ अप्रैल १४५९-२२ सितम्बर १५३९) का स्थान अप्रतिम है। उनका प्रकाश पर्व कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता है,यद्यपि उनका जन्म १५ अप्रैल को हुआ था। अनेक सदियों से सांस्कृतिक,सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र में व्याप्त तमस को निस्तेज कर उन्होंने उजाला फैलाया … Read more

घर से काम-कितनी आसानी, कितनी परेशानी

इलाश्री जायसवाल नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* पहले सिर्फ कुछ लोगों के बारे में सुनते थे कि घर से काम करते हैं। सुनकर ऐसा लगता था कि यह तो बड़ी अच्छी चीज़ है,घर में भी रहो और काम भी करो। एकल परिवारों के लिए तो यह वरदान ही है, क्योंकि आजकल के आधुनिक समय में पति-पत्नी दोनों ही … Read more

घर-वापसी सहित भेषज-चूर्ण देना लाभकारी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** केन्द्र सरकार ने यह बुद्धिमानी का काम किया कि दूसरी ‘तालाबंदी’ खुलने के पहले करोड़ों मजदूरों, पर्यटकों,छात्रों और यात्रियों की घर वापसी की घोषणा कर दी। यदि यह घोषणा अभी तीन-चार दिन पहले नहीं होती तो इसके परिणाम अत्यंत भयंकर हो सकते थे। ४ मई की सुबह ही लाखों मजदूर … Read more

चला गया अभिनय जगत का `यशस्वी योद्धा`

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* बॉलीवुड के सदाबहार अभिनेता ऋषि कपूर ने मुंबई के अस्पताल में ३० अप्रैल को अपनी अंतिम साँसें ली। ६७ वर्ष की उम्र में कैंसर जैसी असाध्य बीमारी से लड़ते हुए वे जिन्दगी एवं मौत के बीच जूझते हुए हार गए। एक संभावनाओं भरा हिन्दी सिनेमा का सफर ठहर गया,उनका निधन न … Read more

कोरोना:गरीबों,मजदूरों व किसानों का योगदान अनमोल

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* `करेला और ऊपर से नींम चढ़ा` वाली कहावत “कोरोना` की जंग में गरीब मजदूरों का योगदान क्या है ?”,पर पूरी तरह चरितार्थ हो रही है। उक्त प्रश्न में ‘गरीब’ और ‘मजदूर’ शब्द का प्रयोग एकसाथ किया गया है,जबकि यह आवश्यक नहीं है कि प्रत्येक गरीब,मजदूर हो और … Read more