राष्ट्र प्रेम के अवसर तो अनेक

अरशद रसूल, बदायूं (उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* आधुनिकता की चाशनी में लिपटा परिवेश, भौतिकवादी संस्कृति में डूबा देश का जनमानस,पागलपन की हद तक पश्चिमी सभ्यता की नकल आदि। अगर इस समय हम समाज की स्थिति को देखें तो पूरी तरह से बाजारवाद हावी है। न कोई विचार,न कोई चिंतन और न ही ‘मैं’ से ‘हम’ होने का … Read more

खुद को बनाना पड़ेगा भूतपूर्व नौजवान

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’ बहादुरगढ़(हरियाणा) *********************************************************************** साठ वर्ष से ऊपर के हो गए तो क्या हुआ! अपने को बूढ़ा तो नहीं समझते न,समझना भी नहीं है। क्या कहा-लोग कहते हैं,लोगों की परवाह मत करो, लोगों का काम है कहना। अरे!सेवानिवृत्त ही तो हुए हो,थके तो नहीं। थकना भी नहीं है,जो काम स्वयं कर सकते हो,वह स्वयं … Read more

कोरोनाःसुखद,हार की शुरुआत

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** ‘कोरोना’ पर भारत ने जैसी लगाम लगाई है,वह सारी दुनिया के लिए आश्चर्य और ईर्ष्या का विषय हो सकता है। सारी दुनिया में इस महामारी से लगभग डेढ़ लाख लोग मर चुके हैं और २२ लाख से ज्यादा संक्रमित हो चुके हैं। जिन देशों में हताहतों की संख्या भारत से … Read more

तबलीगी जमात की कालिमा को धोना होगा

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* ‘कोरोना’ कहर से समूचा भारत संकट में है और इस संकट को तबलीगी जमात ने बढ़ा दिया,इसकी गलती से कोरोना संक्रमण पीड़ितों व मौतों की संख्या बढ़ी है। जमात के अमीर मौलाना साद की इस अक्षम्य गलती से न केवल संपूर्ण भारतीय मुस्लिम समाज को गंभीर संकट में डाला है,बल्कि साम्प्रदायिक … Read more

विजयश्री ही नहीं,समझदारी भी दिखानी

रश्मि लता मिश्रा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** इटली,स्पेन,अमेरिका जैसी विदेशी ताकतों पर प्रकृति की मार ‘कोरोना’ महामारी के माध्यम से देखते हुए हमें यह सतर्कता जरूरी थी,जो पहले सरकारी फरमान द्वारा लागू की गई थी। २१ दिन की ‘तालाबंदी’ हमने सफलतापूर्वक बिता ली है,और अब यदि हम आगे की भी सफलतापूर्वक तय कर लेते हैं तो … Read more

कोरोना ‘योद्धा’:संकट की घड़ी में नौकरशाही ही हनुमान

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** इस देश में ‘कोरोना’ विषाणु के खिलाफ प्रशासनिक-आर्थिक व राजनीतिक लड़ाई वास्तव में कौन लड़ रहा है ? क्या कोरोना ने भारत में लोकतांत्रिक सरकारों के उस नए अवतार पर भी मोहर लगा दी है,जिसमें सरकार के नाम पर केवल प्रधानमंत्री(प्रमं), मुख्‍यमंत्री(मुमं)और चंद आला अफसर ही नजर आते हैं ? कोरोना … Read more

प्रधानमंत्री का भाषण:सराहनीय,साथ लेकर चलना प्रशंसनीय

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** ‘कोरोना’ पर प्रधानमंत्री के संदेश से जो लोग यह आस लगाए बैठे थे कि वे तालाबंदी में ढील की घोषणा करेंगे,उन्हें निराशा जरुर हुई होगी लेकिन उन्हें संतोष भी हुआ होगा कि उन्होंने २० अप्रैल से उसके शुरु होने का संकेत दिया है। कहां-कितनी ढील दी जाएगी,यह उन्होंने स्थानीय प्रशासनों … Read more

सबका फायदा,फिलहाल दूर ही रहो

अरशद रसूल, बदायूं (उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* आप सभी जानते हैं इन दिनों हमारा देश ‘कोरोना’ विषाणु जैसी महामारी से जूझ रहा है। यह एक ऐसी भयानक बीमारी है जो एक इंसान से दूसरे में और धीरे-धीरे समाज में फैलती है। आपस में ज़्यादा मिलने-जुलने और संपर्क बढ़ने से यह विषाणु बहुत तेजी से फैलता है। सिर्फ … Read more

भारत भाषा प्रहरी डॉ. अमरनाथ

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ मुम्बई(महाराष्ट्र) *************************************************************** नौवां विश्व हिन्दी सम्मेलन,जो २२ सितम्बर से २४ सितम्बर २०१२ तक दक्षिण अफ्रीका के शहर जोहांसबर्ग में आयोजित हुआ था, वहाँ दूसरे दिन किसी सत्र की समाप्ति पर मैंने देखा कि सभागार के बाहर एक व्यक्ति कुछ पर्चे बांट रहा है। साथ ही वे कुछ लोगों के साथ चर्चा … Read more

सबकी भलाई,वरना इंतज़ार कब तक… ?

इलाश्री जायसवाल नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* आने वाला समय अपने अंदर कितने आश्चर्य, कितने अचम्भे समेटे हुए है,किसी को पता नहीं। कोई पक्का नहीं बता सकता कि आगे क्या होगा ?,लेकिन फिर भी हम सब अपना भविष्य संवारने के लिए काम करते हैं। इस भागती-दौड़ती जिंदगी में जहाँ किसी को भी किसी से बात करने की फुर्सत … Read more