‘चुनावी गुप्तदान’ में छिपे पारदर्शी सवाल….

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** राजनीतिक दलों की चंदा उगाही में पारदर्शिता लाने के नाम पर मोदी सरकार द्वारा पिछले साल जारी चुनावी (इलेक्टोरल बांड)अनुबंध को लेकर संसद के दोनों सदनों में सियासी बवाल मचा है। कारण पारदर्शिता के नाम पर इसकी अपारदर्शिता,चंदा कौन दे रहा है,कैसे दे रहा है,यह बताने की जरूरत नहीं। बैंकों से … Read more

सदभाव,परस्पर प्रेम,शांति की नींव पर हो मंदिर निर्माण

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण का विराट रूप देख जैसे अर्जुन की आँखें चुंधिया गईं,जिव्हा निशब्द और हाथ-पांव शिथिल पड़ गए। लगभग वही स्थिति अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर आया फैसला सुन मेरी हो रही है। मानो शब्दकोष सूख गया,मस्तिष्क और शरीर में कोई तालमेल नहीं बचा। सुन्न स्मृति में केवल शेष … Read more

भारत माँस निर्यात में विश्व में सबसे आगे यानि ७१ फीसदी माँसाहारी

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** वर्तमान में देश में आवारा पशुओं का माँस उपयोग किया जा रहा है,और उसके बदले हम उससे अधिक राशि का रासायनिक खाद का उपयोग खेती में करते हैंl एक निरुपयोगी पशु भी बहुत खाद का काम करता हैl उसके गोबर और मूत्र का उचित उपयोग करके हम जैविक खाद बनाकर खेती … Read more

हिंदी को बोलियों से मत लड़ाइए

डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************** मनुष्य की भांति भाषाओं का भी अपना समय होता है,जो एक बार निकल जाने के बाद वापस नहीं लौटता। इसे हम संस्कृत,पालि,प्राकृत,अपभ्रंश इत्यादि के साथ घटित इतिहास द्वारा समझ सकते हैं। यह ऐतिहासिक तथ्य है कि आदिकाल में राजस्थानी मिश्रित डिंगल और पिंगल शैली तथा बुंदेली एवं मैथिली मुख्य रूप … Read more

मुस्कुराते बच्चे प्रफुल्लित राष्ट्र की पहचान

राजकुमार जैन ‘राजन’ आकोला (राजस्थान) ****************************************************** बालक के जन्म के साथ ही अभिभावक अपने बच्चों के लिए ऐसा तिलिस्म बुनने लगते हैं,जिसमें बालक इस तरह गिर जाता है कि चाह कर भी उन स्वप्नों के भार से निजात नहीं पा पाता। अभिभावकों के अधूरे स्वप्नों को पूर्ण करने का दायित्व बच्चों पर गहरा मानसिक और भावनात्मक … Read more

जगन रेड्डी की उल्टी पट्टी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने सांप की बाॅबी में हाथ डाल दिया है। उन्होंने उप-राष्ट्रपति वेंकय्या नायडू,आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और आंध्र के अन्य नेताओं को अपने एक ऐसे तर्क में लपेट लिया है, जो मूलतः गलत है लेकिन जिसने सभी नेताओं की बोलती बंद कर दी … Read more

महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह हुए स्मृति शेष

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** विश्वविख्यात वैज्ञानिक-गणितज्ञ आइंस्टीन और गौस के सिद्धांतों को चुनौती देकर प्रसिद्धि पाने वाले महान गणितज्ञ नहीं रहे। नासा में अपोलो मिशन शुरुआत के दौरान ३० कम्प्यूटर अचानक असफल हो गए,उसी क्षण पेन से सटीक जोड़ देकर अभियान सफल कराने वाले महान गणितज्ञ हमें छोड़कर चले गए। चक्रीय सदिश समष्टि सिद्धांत … Read more

नशा मुक्ति के लिए जागरूकता जरूरी

राजकुमार जैन ‘राजन’ आकोला (राजस्थान) ****************************************************** तम्बाकू और तंबाकूयुक्त नशीली वस्तुओं के साथ मादक पदार्थों का प्रयोग इन दिनों बहुत बढ़ गया है। बाजारों में जितनी दुकानें खाद्य पदार्थों की नहीं है,उससे अधिक नशे की वस्तुओं की हैं। एक बार नशे की गिरफ्त में आने के बाद संभलना बहुत मुश्किल हो जाता है,नशे की खुराक लगातार … Read more

राजनीतिक गुस्से का प्रतिशोध प्रतिमाओं से क्यों ?

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** राजनीतिक आक्रोश या हताशा का प्रतिशोध महापुरूषों की प्रतिमाओं से लेना नई बात नहीं है,लेकिन देश की राजधानी नई दिल्ली में प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को तोड़े जाने का कोई औचित्य समझ नहीं आता,क्योंकि विवेकानंद न तो किसी दल के संस्थापक या प्रचारक थे,न … Read more

बिरसा मुंडा हैं आदिवासी तेजस्विता के नायक

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* बिरसा मुंडा जन्म जयन्ती-१५ नवम्बर विशेष…. किसी महापुरुष के कार्यों,अवदानों एवं जीवन का मूल्यांकन इस बात से होता है कि उन्होंने राष्ट्रीय एवं सामाजिक समस्याओं का समाधान किस सीमा तक किया,कितने कठोर संघर्षों से लोहा लिया। बिरसा मुंडा भी ऐसी ही एक युगांतरकारी शख्सियत थे,जिन्होंने आदिवासी जनजीवन के मसीहा के रूप … Read more