गांधी जी की नज़र में हिन्दी

प्रो. कृष्ण कुमार गोस्वामी दिल्ली *************************************************************************** युगपुरुष,युगनिर्माता और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भारत के स्वंतत्रता आंदोलन के महानायक थे। महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान न केवल उस युग की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर विचार किया,वरन् इस युग की हिन्दुस्तानी जाति के गठन और उसके सांस्कृतिक परिवेश के युग पर भी चिंतन किया। इस … Read more

हमारे गांधी

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** “दे दी हमें आज़ादी,बिना खड्ग बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल।” ये पंक्तियां गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत की ताकत पूरी तरह प्रर्दशित करने में सक्षम है। किसी भी स्थिति में सत्य और अहिंसा का साथ न छोड़ने वाले गांधी जी अपने विचारों से न सिर्फ … Read more

तो क्या हम ‘दो राष्ट्रपिताओं’ के देश में जी रहे हैं ?

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** खुद को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का प्रशंसक बताने वाले भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘फादर ऑफ इंडिया’ कहा तो शायद वे उसी ‘न्यू इंडिया’ और उसके ‘पिता’ के बारे में कह रहे थे,जिसकी व्यापक स्वीकृति का रोड-मैप पहले ही तैयार है और जिस … Read more

तलाक पीड़िताओं के जीवन में आर्थिक उजाला

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ ने तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं के लिए ६ हजार रुपए सालाना की आर्थिक मदद की घोषणा करके उस नारी समाज को अधिकार सम्पन्न करने का मार्ग प्रशस्त किया है,जो पुरुषों के अन्याय का शिकार रहता आया है। चिन्मयानन्द के खिलाफ बलात्कार का आरोप … Read more

कश्मीर:आतंकी सक्रिय होते हैं तो सरकार को मजबूरन सख्ती करनी होगी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** संयुक्त राष्ट्र में मोदी और इमरान के बाद कश्मीर का हाल क्या है ? इमरान खान के भाषण का असर चाहे चीन और तुर्की के अलावा किसी भी राष्ट्र पर न पड़ा हो,लेकिन ५५ दिन से सोये कश्मीर में अब कुछ न कुछ हलचल मची है। जगह-जगह लोगों ने प्रदर्शन … Read more

आत्मबोध का क्षण

इलाश्री जायसवाल नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* ‘एकाकी’ का अर्थ है अकेला। कहने को तो यह अकेलेपन का बोध कराता है किन्तु है बहुत ही विस्तृत..। समूह में या सबके सामने हम स्वयं को प्रस्तुत करते हैं,अपने विचारों का आदान-प्रदान करते हैं,पर ‘क्या और कैसे’ इसकी उत्पत्ति एकाकी क्षणों में ही होती है, क्योंकि हम उन एकाकी क्षणों … Read more

सबसे बड़े अभिनेता को सबसे बड़ा पुरस्कार

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** अपने देश में दादा साहब फाल्के अवार्ड अभिनय के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार है,जिसे देश के सबसे बड़े अभिनेता को दिये जाने की खबर सुनकर हर किसी को एक सुखद अनुभूति हो रही है। चार दशक से भारतीय सिनेमा का अहम हिस्सा रहे अमिताभ बच्चन … Read more

दोनों को खुश करने में लगे हैं ट्रम्प

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** ह्यूस्टन में नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की संयुक्त सभा ने जो जलवा पैदा किया है, उससे इन दोनों नेताओं के अंदरुनी और बाहरी विरोधी-सभी हतप्रभ हैं। दोनों नेता प्रचार-कला के महापंडित हैं। दोनों एक-दूसरे के गुरु-शिष्य और शिष्य-गुरु हैं। दो देशों के नेता परस्पर कैसा भी व्यवहार करें,लेकिन उन … Read more

वक्त के बदलाव पर हस्ताक्षर करते जाना ही अमिताभ होना है…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************************************** जब(बीसवीं)‘ सदी के महानायक’ ७७ वर्षीय अमिताभ बच्चन को देश के सर्वोच्च फिल्म पुरस्कार का ऐलान हुआ तो देश की गान सरस्वती लता मंगेशकर की सहज प्रतिक्रिया थी-‘उन्हें (अमितजी) को यह पुरस्कार बहुत पहले मिल जाना चाहिए था। अर्थात इस अवाॅर्ड के लिए पाच दशकों की साधना और इंतजार जरा लंबा … Read more

`आयुष्मान भारत` की गड़बड़ियों पर पहरा आवश्यक

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* आज सरकारी अस्पतालों में जहां चिकित्सा सुविधाओं एवं दक्ष चिकित्सकों का अभाव होता है,वहीं निजी अस्पतालों में आज के भगवान रूपी चिकित्सक एवं अस्पताल मालिक मात्र अपने पेशा के दौरान वसूली व लूटपाट ही जानते हैं। उनके लिये मरीजों की ठीक तरीके से देखभाल कर इलाज करना प्राथमिकता नहीं होती,उन पर … Read more