चुनाव:राजनेता पराए दुःख को अपना क्यों नहीं मानते ?

ललित गर्ग दिल्ली************************************** लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, राजनेताओं एवं उम्मीदवारों के दागदार चरित्र की परतें खुलती जा रही है। एक समय था, जब लोग देश के नेताओं के सार्वजनिक जीवन में आचरण का अनुसरण करते थे। नेताओं को भी समाज में अपनी छवि व प्रतिष्ठा की फिक्र रहती थी, लेकिन हाल के … Read more

ख़ुशी चाहिए तो सुख सूत्र अपनाइए

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)***************************************************** यदि हम चाहते हैं कि, हमारी जिंदगी हँसी-खुशी एवं आराम से कटे तो निम्न बातों का अनुसरण करें-🔹भगवान हमें जिस हाल में रखें, उसका शुकराना करना सीखें। शुकराना करने से कष्ट भी हँसते-हँसते कट जाते हैं।🔹यदि जिंदगी में सफल होना चाहते हों तो, जिंदगी का उद्देश्य जरूर निर्धारित करो और … Read more

देश की सेहत के लिए ‘नशा’ नासूर

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** किसी भी देश की प्रगति और उज्जवल भविष्य के सौष्ठव का कल्पनात्मक सम्भावित अनुमान उस देश की युवा पीढ़ी से लगाया जाता है। वह पीढ़ी अपने व्यक्तिगत चरित्र और बौद्धिक पक्ष का निर्माण किस प्रकार से करती है ? उसका कल्पनात्मक, भावात्मक और संवेगात्मक विकास किस प्रकार के सामाजिक वातावरण में … Read more

कांग्रेस की दिशाहीनता

ललित गर्ग दिल्ली************************************** लोकसभा के चुनाव उग्र से उग्रतर होते जा रहे हैं। जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ रहे हैं, कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। भाजपा की ओर रुख करते नेताओं ने कांग्रेस की नींद उड़ा कर रख दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आक्रामक, तीक्ष्ण एवं तीखे आरोप लगाने वाली कांग्रेस दल में … Read more

जो हार मान ले, वह मनुष्य नहीं

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** जीवन संघर्ष (मजदूर दिवस विशेष)… यदि जीवन है तो, संघर्ष भी है। कहते हैं कि, जो मनुष्य जीवन में संघर्षों का सामना न करे, जीवन से हार मान ले, कुछ भी न करे, वह मनुष्य मृतक के समान होता है। संघर्ष केवल मनुष्य जीवन ही नहीं करता। तालाब में तैरती एक … Read more

‘हँसी’ एकजुट करने में सक्षम

ललित गर्ग दिल्ली************************************** ‘विश्व हास्य दिवस’ (५ मई) विशेष… ‘विश्व हास्य दिवस’ एक उपहार है, एवं बिना खर्च के खुशियाँ मनाने एवं हंसकर तनाव दूर करने का विलक्षण एवं अद्भुत दिन है। यह हमें एकजुट करता है, जीवन को बेहतर बनाता है। मई महीने के पहले रविवार को मनाए जाने वाला यह दिन हँसने-हँसाने के … Read more

जनभाषा में मिले विधि-न्याय, व्यापार-व्यवसाय व शिक्षा और रोज़गार

डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** चुनावी माँग-पत्र….. राष्ट्र केवल कोई भूमि का टुकड़ा नहीं होता। राष्ट्र बनता है उसकी सभ्यता और संस्कृति से, वहाँ के ज्ञान- विज्ञान, धर्म आध्यात्म और मौलिक चिंतन से। भाषा के माध्यम से ये निरंतर आगे बढ़ते हैं। यह भी कह सकते हैं कि, भाषा एक बहती हुई नदी की तरह है, … Read more

जल-संकट:जीवन एवं कृषि खतरे में

ललित गर्ग दिल्ली************************************** मानवीय गतिविधियों और क्रिया-कलापों के कारण दुनिया का तापमान बढ़ रहा है और इससे जलवायु में होता जा रहा परिवर्तन अब मानव जीवन के हर पहलू के साथ जलाशयों एवं नदियों के लिए खतरा बन चुका है। जलवायु परिवर्तन का खतरनाक प्रभाव गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र सहित प्रमुख जलाशयों और नदी-घाटियों में … Read more

चुनाव:बेशुमार खर्च की तपिश दुनिया तक, बड़ी चुनौती

ललित गर्ग दिल्ली************************************** विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के लोकसभा चुनाव २०२४ अनेक दृष्टि से यादगार, चर्चित, आक्रामक एवं ऐतिहासिक होने के साथ-साथ अब तक का सबसे महंगा एवं दुनिया का भी सबसे खर्चीला चुनाव है। सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज की हालिया रिपोर्ट के अनुसार इस बार का चुनावी खर्च १ लाख २० हजार … Read more

संकट में घिरी कांग्रेस, कई शंकाएं निहित

ललित गर्ग दिल्ली************************************** लोकसभा चुनाव में कांग्रेस जनता के बीच जिस तरह के मुद्दों को लेकर चर्चा में हैं, उनमें देश विकास से अधिक मुफ्त की रेवड़ियाँ बांटने या अतिश्योक्तिपूर्ण सुविधा देने की बातें हैं, तो ‘विरासत टैक्स’ के नाम पर जनता की गाड़ी कमाई को हड़पने के सुझाव हैं। ऐसी विरोधीभासी सोच एवं योजनाएं … Read more