जल-संकट:जीवन एवं कृषि खतरे में

ललित गर्ग दिल्ली************************************** मानवीय गतिविधियों और क्रिया-कलापों के कारण दुनिया का तापमान बढ़ रहा है और इससे जलवायु में होता जा रहा परिवर्तन अब मानव जीवन के हर पहलू के साथ जलाशयों एवं नदियों के लिए खतरा बन चुका है। जलवायु परिवर्तन का खतरनाक प्रभाव गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र सहित प्रमुख जलाशयों और नदी-घाटियों में … Read more

चुनाव:बेशुमार खर्च की तपिश दुनिया तक, बड़ी चुनौती

ललित गर्ग दिल्ली************************************** विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के लोकसभा चुनाव २०२४ अनेक दृष्टि से यादगार, चर्चित, आक्रामक एवं ऐतिहासिक होने के साथ-साथ अब तक का सबसे महंगा एवं दुनिया का भी सबसे खर्चीला चुनाव है। सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज की हालिया रिपोर्ट के अनुसार इस बार का चुनावी खर्च १ लाख २० हजार … Read more

संकट में घिरी कांग्रेस, कई शंकाएं निहित

ललित गर्ग दिल्ली************************************** लोकसभा चुनाव में कांग्रेस जनता के बीच जिस तरह के मुद्दों को लेकर चर्चा में हैं, उनमें देश विकास से अधिक मुफ्त की रेवड़ियाँ बांटने या अतिश्योक्तिपूर्ण सुविधा देने की बातें हैं, तो ‘विरासत टैक्स’ के नाम पर जनता की गाड़ी कमाई को हड़पने के सुझाव हैं। ऐसी विरोधीभासी सोच एवं योजनाएं … Read more

महावीर के दर्शन और सिद्धांतों में सब समाधान समाहित

ललित गर्ग दिल्ली************************************** जन्म जयन्ती (२१ अप्रैल) विशेष… सदियों पहले महावीर जन्मे, पर वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवनभर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दु:ख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिए वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गए। उन्होंने … Read more

४ दिन स्वर्ग की सैर

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)***************************************************** आपको आश्चर्य होगा कि, क्या कोई जिंदा व्यक्ति भीस्वर्ग की सैर कर सकता है ?वैसे तो, कहा जाता है कि स्वर्ग पाने की पहली शर्त है मरना। अर्थात इस लोक से परलोक प्रस्थान करना। जहां मरने की बात आती है, वहाँ आदमी स्वर्ग से मुख मोड़ लेता है, और उसे … Read more

राघव जी हैं सरलता के कायल

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। इसलिए, सामान्य परिस्थिति में मनुष्य को अपना जीवन जीने के लिए अनेक तरह की परिस्थितियों से गुजरना होता है और वे परिस्थितियाँ जटिल न भी हों तो भी, जब वह उन से रूबरू होता है, तो वह अपने को सरल रख पाने में असफल पाता है, … Read more

प्रकृति के साथ संतुलन की सीख हैं श्रीराम

ललित गर्ग दिल्ली************************************** रामनवमी विशेष… हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए रामनवमी बहुत ही शुभ दिन होता है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि, त्रेता युग में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर भगवान श्रीराम का अवतरण हुआ था। धार्मिक मत है कि, सभी प्रकार के मांगलिक कार्य इस दिन … Read more

हर ‘मत’ अतिमहत्वपूर्ण

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* सभी जानते ही नहीं, मानते भी हैं कि, किसी भी तरह की प्रतियोगिता हो या चुनाव, वहाँ मतदान के माध्यम से निर्णय की स्थिति में पहुँचना सर्व हितकारी होता है। यानी १-१ मत अतिमहत्वपूर्ण होता है।मतदाता का १-१ मत कीमती होता है, इसलिए ही ‘हर मत मायने रखता है, बताया जाता … Read more

लोकतंत्र की दृढ़ता के लिए मतदान अनिवार्य

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘सबको करना चाहिए, निश्चित ही मतदान।लोकतंत्र मजबूत हो,बढ़े लोक की शान॥’मतदान नागरिकों को नागरिकता के महत्व का एहसास करने में भी मदद करता है। बहुत से लोग यह सोचते हुए मतदान नहीं करते कि, १ मत से कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन जैसा कि यह तथ्य है। एक राष्ट्र की राजनीतिक … Read more

हमें बड़े पुनर्जागरण की जरूरत

डॉ. रजनीश शुक्लभोपाल (मप्र)******************************************** आइए, जानते हैं हमारे गुरुकुल कैसे बन्द हुए।इंग्लैंड में पहला विद्यालय १८११ में खुला, उस समय भारत में ७,३२,००० गुरुकुल थे।मैकाले का स्पष्ट कहना था कि, भारत को हमेशा-हमेशा के लिए अगर गुलाम बनाना है तो इसकी ‘देशी और सांस्कृतिक शिक्षा व्यवस्था’ को पूरी तरह से ध्वस्त करना होगा और उसकी … Read more