लगातार प्रयासों से ही हमारा देश कहलाएगा विश्व गुरु

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* स्वतंत्र देश और हमारी जिम्मेदारियाँ… हमारे देश की स्वतंत्रता हमें विरासत में नही मिली। यह स्वतंत्रता सैंकड़ों वर्षों की गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए, भारत के निडर वीर- वीरांगना, सत्याग्रहियों, जनता द्वारा अनेक लड़ाईयों, कठिनाइयों, यातनाओं, संघर्षों की, लाखों बलिदानियों की कहानी है। उनके देशव्यापी स्वतंत्रता का एक … Read more

आत्म-अवलोकन की आवश्यकता

डॉ. चंद्रा सायताइंदौर (मध्यप्रदेश )************************* स्वतंत्र देश और हमारी जिम्मेदारियाँ…. क्या हम जानते हैं कि, मुख्य शीर्षक से ही २ प्रकार के प्रश्न हमारे सामने आते हैं, पहला है स्वतंत्र राष्ट्र क्या होता है ?, दूसरा हमारी जिम्मेदारियाँ क्या हैं ?भारत १५ अगस्त १९४७ को स्वतंत्र हुआ था, किन्तु वास्तविक रूप से उसे असली स्वतंत्रता … Read more

संघर्ष, समर्पण एवं शौर्य की गाथाओं का नाम ‘नेताजी’

ललित गर्ग दिल्ली************************************** सुभाषचन्द्र बोस जन्म जयन्ती (२३ जनवरी) विशेष… भारतीय इतिहास में सुभाष चंद्र बोस ऐसे महानायक हैं, जो किसी पहचान के मोहताज नहीं। नेताजी का नारा ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ आज भी भारवासियों के भीतर राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम का ज्वार पैदा करता है। अंग्रेजों की गुलामी से भारत को … Read more

धारें सीता-राम जी के चरणों का ध्यान

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** अयोध्या में रामलला के विराजमान होते ही कलयुग में हर उस भाग्यशाली सनातनी को खुशियों के क्षण मिल गए हैं, जिसकी प्रतीक्षा में ५ सहस्त्र वर्षों से अधिक का समय लग गया। राम को भव्य मंदिर में देखने के लिए कितने संघर्ष और बलिदान हुए। हम अति भाग्यवान हैं … Read more

पानी के बिना क्या करेंगे ? कहानी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** “इस दुनिया से जाने से पहले मैं १ लाख झीलों में दोबारा जान फूँकना चाहता हूँ।” यह कहने वाला कौन था ?” दादी ने अपने पोते-पोतियों से पूछा“पता नहीं दादी! आप ही बताओ। आपको ऐसी चीजों की बहुत जानकारी रहती है।” बच्चे बोले।“अच्छा बताती हूँ। ‘लेक मैन’ के बारे में जानते हो … Read more

संतोषी रहता सदा सुखी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* हममें से अधिकांश ने १६ सुखों के बारे में सुन रखा है।हालांकि, आज के समय में ये सभी सुख हर किसी को मिलना मुश्किल है लेकिन इनमें से जितने भी सुख मिलें, उतने से ही खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए। हमारे वरिष्ठों ने हमें सिखाया भी है- ‘सन्तोषी सदा सुखी’।१६ … Read more

पर्यटन: मालदीप क्यों बौखलाया ?

ललित गर्ग दिल्ली************************************** नववर्ष पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लक्षद्वीप की यात्रा पर क्या गए, चीन की कठपुतली बने मालदीव को मिर्ची लग गई। वहां की नई सरकार और तमाम लोगों ने इसे अपने पर्यटन उद्योग के लिए गंभीर खतरा मानते हुए भारत एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आपत्तिजनक एवं गैर-जिम्मेदार टिप्पणियां कर दी, नासमझी में … Read more

यूरोपीय मीडिया ने दिया था ‘साइक्लानिक हिन्दू’ नाम

डॉ.अनुज प्रभातअररिया ( बिहार )**************************** सन् १८९३ में जब यूरोप, अमेरिका के लोग पराधीन भारत के लोगों को बहुत ही हीन दृष्टि से देखते थे, तब जापान, चीन, कनाडा की यात्रा करते हुए स्वामी विवेकानंद विश्व धर्मसभा में भाग लेने अमेरिका के शिकागो‌ पहुंचे। भारत से आने के कारण वहां के लोगों का प्रयास रहा … Read more

स्वार्थी उद्देश्यों से लिपटी नई यात्रा से उम्मीदें कम

ललित गर्ग दिल्ली************************************** कांग्रेस के नेता एवं सांसद राहुल गांधी अपने एवं कांग्रेस के राजनीतिक धरातल को मजबूती देने के लिए एक बार फिर यात्रा का सहारा ले रहे हैं। ४ हजार किलोमीटर की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद अब वे ६७ सौ कि.मी. की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर निकल चुके हैं। कांग्रेस को … Read more

नव फसल का स्वागत संक्रांति त्योहार

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* मकर संक्रांति विशेष…. हमारे भारत वर्ष की संस्कृति अति ही बहुमूल्य है। यहाँ के अनेक त्योहार हैं, जो एकसाथ देश में मनाए जाते हैं। आंग्ल नववर्ष के प्रथम माह जनवरी उत्साह से भरे ‘मकर संक्रांति पर्व’ का है।भारत में संक्रांति का त्योहार हर्ष-उल्लास से मनाया जाता है। यह हिन्दू धर्म … Read more