आखिर कब पूर्ण गणतंत्र ?

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** गणतंत्र दिवस:देश और युवा सोच… भारत एक गणतांत्रिक देश है, यह सत्य किसी से छुपा नहीं है, परंतु भारत के गणतंत्र दिवस तक की कहानी कैसे-कैसे कदम दर कदम आगे बढ़ती है, यह बात नई पीढ़ी तक ले जाना पुरानी पीढ़ी का जिम्मा है। इसके विषय में जब चर्चा की जाती … Read more

आर्थिक असमानता पर मंथन हो

ललित गर्गदिल्ली************************************** वैश्विक संस्था ऑक्सफैम ने अपनी आर्थिक असमानता रिपोर्ट में समृद्धि के नाम पर पनप रहे नए नजरिए, विसंगतिपूर्ण आर्थिक संरचना एवं अमीरी-गरीबी के बीच बढ़ते फासले की तथ्यपरक प्रभावी प्रस्तुति देते हुए इसे घातक बताया है। संभवतः यह एक बड़ी क्रांति एवं विद्रोह का कारण भी बन रहा है। आज देश एवं दुनिया … Read more

स्वस्थ समाज का निर्माण मुश्किल है ‘लिव इन रिलेशनशिप’ से

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** आजकल इसका कुछ ज्यादा ही फैशन चल पड़ा है। आजकल के बच्चे पश्चिमी सभ्यता से बहुत अधिक प्रभावित हैं। वे केवल अपने भविष्य के विषय में सोचते हैं।भविष्य बनाते-बनाते शादी की उम्र निकल जाती है। वैसे भी आजकल उम्र निकले या न निकले, इंस्टाग्राम पर बच्चे आभासी दुनिया के पुरुषों से दोस्ती … Read more

डंका बजाता युवा भारत

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* गणतंत्र दिवस : देश और युवा सोच… भारत आज युवावस्था में है, यह एक सुदृढ़ व्यवस्था के साथ स्वर्णिम युग का आरंभ भी कहा जा सकता है। कहने को भारत की उम्र स्वतंत्रता प्राप्ति पश्चात पचहत्तर वर्ष में पदार्पण कर चुकी है, लेकिन जनसंख्या गणना की दृष्टि से विश्व में सर्वाधिक … Read more

अंग्रेजी कैसे बनाई गई अघोषित राजभाषा ?

डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** गणतंत्र दिवस विशेष-२… पिछले भाग में इस पर चर्चा हुई कि, कानूनी रूप से अंग्रेजी न केवल भारत की बल्कि भारत के सभी राज्यों की भी अघोषित राजभाषा है, साथ ही अंग्रेजी राज्यों की संपर्क भाषा और भारत राष्ट्र की राष्ट्रीय संपर्क भाषा की जमीन पर कब्जा करवा दिया गया है। … Read more

भारत की अघोषित राजभाषा, राज्यभाषा व राष्ट्रभाषा है ‘अंग्रेजी’

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************* गणतंत्र दिवस विशेष-१ भारत में जब भी भाषा की बात होती है तो सबसे पहले राष्ट्रभाषा और राजभाषा पर बहस प्रारंभ हो जाती है। सभी भारतवासी भली-भांति जानते हैं कि स्वतंत्रता के समय हिंदी ने स्वतंत्रता संग्राम के संपर्क की भाषा की भूमिका अदा की थी और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, विनोबा … Read more

भविष्य की तो मानो चिंता ही नहीं

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** प्रकृति से खिलवाड़… आज इस इक्कीसवीं सदी तक पहुँचते-पहुँचते हम शिक्षित तो खूब हुए, पर हमने प्रकृति का ध्वंस करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कभी-कभी तो यूँ लगता है कि हमारी सारी प्रगति और उन्नति के मूल में यह विध्वंस ही छिपा है। हमने प्रकृति का सारा संतुलन बिगाड़ कर रख … Read more

मानसिक प्रदूषण दूर करना और सीमित होना होगा

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** प्रकृति और खिलवाड़… जब व्यक्ति पैदा होता है, वह नैसर्गिक होता है। हमारे चारों तरफ पेड़, पौधे, वृक्ष, नदियाँ, पहाड़ आदि भी नैसर्गिक होने पर बहुत सुन्दर दिखाई देते हैं। मनुष्य के पास मन-बुद्धि होने से उसमें नीर-क्षीर विवेक होने से हर वस्तु में गुण-अवगुण, लाभ-हानि देखना शुरू करता है। बालक भी, जब … Read more

विपक्षी दल भाजपा को मात देने में होंगे सफल ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** नया वर्ष शुरु होते ही राजनीतिक दलों की सरगर्मियां भी नए मोड़ पर आने लगी हैं। क्योंकि इस वर्ष ९ राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तेलंगाना, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं एवं अगले वर्ष लोकसभा के चुनाव। खास तौर से अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की … Read more

प्रकृति माँ को बचाओ

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** प्रकृति और खिलवाड़… आज से कई हजार वर्ष पूर्व हमारे देश के आचार्य और ऋषि-मुनियों ने प्रकृति से ही औषधियों की खोज की थी। पीपल, तुलसी, नीम आदि यह सब माँ प्रकृति की ही देन है। प्राचीनकाल में विज्ञान ने इतनी तरक्की नहीं की थी कि, हम बीमारियों को आसानी से … Read more