मेरा अनुभव-मेरी सीख
वीना सक्सेनाइंदौर(मध्यप्रदेश)*********************************************** बात थोड़ी पुरानी है,मेरे बच्चे अपने पैरों पर खड़े हो चुके थे,उनकी शिक्षा लगभग पूरी हो चुकी थी…अतः घर- गृहस्थी से मुझे काफी समय मिल जाता था..तो सोचा क्यों ना कुछ इस खाली समय का सदुपयोग किया जाए… कोई एक संस्था ज्वाइन कर ली जाए..। हमारे एक परिचित हैं वे मुझे एक सामाजिक … Read more