विरासत

देवश्री गोयल   जगदलपुर-बस्तर(छग) ******************************************************* ईट,सीमेंट छड़ गिट्टी ट्रक से उतरता देख मैं सन्न रह गया। समझ गया था कि अब इस घर में मेरा आखरी समय आ गया है। मेरी आँखों से झर-झर आँसू बह रहे थे,मैं सामने देख रहा था आँगन में कुछ लोग आधुनिक ढंग से मुझे गिराने के बारे में बात कर … Read more

विष्णुपद मंदिर की अधिष्ठात्री मालवा की महारानी अहिल्याबाई

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)********************************************************************* बिहार का गया क्षेत्र बहुत ही पुराना धार्मिक स्थल है। यहाँ दूर-दूर के हिन्दू अपने पितरों का पिण्डदान करने आते हैं। वे भारत के या नेपाल के हों या सुदूर मॉरिशस आदि अन्य हिन्दू-प्रवासी देशों के,वे सभी अपने पितरों के पिण्ड दान करने साल में एक बार शारदीय नवरात्रा … Read more

न्यायमूर्ति चंद्रशेखर धर्माधिकारी से वह मुलाकात…

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ मुम्बई(महाराष्ट्र) *************************************************************** एक बार मैं मुंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश,गांधीवादी और भारतीय भाषा-प्रेमी न्यायमूर्ति चंद्रशेखर अधिकारी(अब दिवंगत) से उनके आवास पर उनसे मिलने के लिए गया। कुछ औपचारिक बातों के बाद मैंने उनसे कहा,-‘सर,मुझे इस बात पर चर्चा करनी है कि संघ और राज्यों द्वारा बनाए गए विभिन्न कानूनों के … Read more

वैशाली:धार्मिक महत्व की नगरी

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** `वैशाली` के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के बारे में हम बचपन से ही किताबों में पढ़ते आये,पर बिहार में रहकर भी इस स्थल पर जाने का कभी अवसर नहीं मिला। इस बार रक्सौल से पटना जाने के क्रम में मन बना लिया था कि,पहले वैशाली में रुकेंगे उसके बाद … Read more

कालिंदी और कपिला

डाॅ. मधुकर राव लारोकर ‘मधुर’  नागपुर(महाराष्ट्र) ************************************************************************* “सुनो जी,पड़ोस में गाय ने कुछ दिनों पहले,बछिया को जन्म दिया है, वह बहुत ही सुंदर है। मैं चाहती हूँ कि सामान के साथ,उसे भी घर ले चलें। घर में गौ माता का होना शुभ होता है।” पत्नी ललिता की बात सुनकर कन्हैया लाल जी ने कहा-“ठीक है, … Read more

माँ,तू कितनी अच्छी है…

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************************** ‘अन्तर्राष्ट्रीय मातृत्व दिवस’ १० मई विशेष………. `माँ’ कितना कुछ छुपा है इस एक छोटे से शब्द में,माँ मतलब पूरी दुनिया,औऱ दुनिया मतलब माँl जब एक छोटा-सा बच्चा माँ के आँचल में छुप कर सोता है तो उसे किसी जन्नत से कम नहीं लगता। इस `तालाबन्दी` के दौरान में भी … Read more

वादा किया तो निभाना..

कनक दांगी ‘बृजलता’ गंजबासौदा(मध्य प्रदेश)  ********************************************************* हाल ही में मेरी इकलौती सहेली नीतू के विवाह की सालगिरह गुजरी, तो उसकी शादी से जुड़ा एक अविस्मरणीय संस्मरण याद आ गया। हुआ कुछ ऐसा था कि,जिस दिन उसकी शादी थी,उस दिन और भी शादियों का मुहुर्त था,जिसके चलते मुझे उसके गाँव जो करीब पचास-साठ किलोमीटर दूर पड़ता … Read more

पड़ोसी

अंशु प्रजापति पौड़ी गढ़वाल(उत्तराखण्ड) **************************************************************** सामाजिक सम्बन्ध और दूरी स्पर्धा विशेष……….. ‘सामाजिक संबंध’ जैसे ही ये शब्द पढ़े तो सबसे पहले जो मस्तिष्क में विचार आया वो था ‘पड़ोस’, और सामाजिक सम्बंधों में ‘दूरी’ शब्द का पर्यायवाची है पड़ोसी। आप सोच रहे होंगे ये भला क्या तर्क है ? पड़ोसी शब्द दूरी का द्योतक कैसे हुआ … Read more

मरणरेखा कब है ?

अनिल जोशी  ******************************************************** श्रद्धांजलि मेरी पुस्तक `प्रवासी लेखन:नयी जमीन,नया आसमान` की पांडुलिपि तैयार थी। पुस्तक की भूमिका किसी वरिष्ठ लेखक से लिखवाने के लिए सोच रहा था। प्रवासी साहित्य में सुषम बेदी के योगदान को देखते हुए लगा,वही इस कार्य के लिए सर्वाधिक उपयुक्त रहेंगी। ब्रिटेन में जल्दी ही पुस्तक का लोकार्पण होना था। मैं … Read more

कोरोना:आम आदमी और करूणा…

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** भयावह रोग `कोरोना` से मैं भी बुरी तरह डरा हुआ हूँ,लेकिन भला कर भी क्या सकता हूँ! क्या घर से निकले बगैर मेरा काम चल सकता है! क्या मैं बवंडर थमने तक घर पर आराम कर सकता हूँ…,जैसा समाज के स्रभांत लोग कर रहे हैं। जीविकोपार्जन की कश्मकश … Read more