भाषा और संस्कृति:एक सत्यान्वेषण

छगन लाल गर्ग “विज्ञ” आबू रोड (राजस्थान) **************************************************************************** एक सत्य साहित्यसेवी के संदर्भ में हर बार दोहराना चाहता हूँ कि वह जीवन की सौंदर्य अनुभूति से आह्लादित होकर या कला सौन्दर्य की अनुभूति से समाज को लाभान्वित करने साहित्य में नहीं आया,अपितु भीतर की सघन संवेदनाएं पीड़ित मानव के प्रति भावुक होकर अभिव्यक्ति देने के … Read more

वर्तमान परिदृश्य में प्राकृतिक इलाज आवश्यक

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ भारत देश ऋषि-मुनियों की धरा रही है।सन्त-महात्माओं के चमत्कार और देवभूमि पर चमत्कारित औषधियाँ मानव जीवन के कल्याण के लिए उपयोगी रही हैं। वर्तमान समय में गर्मी तो शुरू हो ही गई है,लेकिन इसके आगे ‘लू’ का प्रकोप प्रारम्भ होगा,जो इस बार भीषण ही नहीं भीषणतम होने की संभावना … Read more

खतों की बात पुरानी हो चली…

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** वो भी क्या दिन थे जब खतों में दिल का हाल लिखा जाता था…कोरे कागज पर जज़्बात उकेरे जाते थे…लफ़्जों में अहसास पिरोये जाते थे…पढ़ने वाला भी उसी शिद्दत से हर्फ़ दर हर्फ़ महसूस करता था…खत भेजने में भी वही शिद्दत होती थी…जवाब आने के इंतज़ार में भी वही … Read more

हम बचाएंगे बेटों को…

दीपेश पालीवाल ‘गूगल’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************** हम उस देश के निवासी है जहां बेटी को लक्ष्मी कहाँ जाता है,घर-घर बेटी को पूजा जाता है,बेटी को दुर्गा काली का अवतार माना जाता है,जहाँ के वेदों में लिखा है- “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमयन्ते तत्र देवता।” क्या ऐसे देश में बेटी को बचाने की आवश्यकता है,तो मैं कहूँगा … Read more

कुछ रँग जांबाजों के संग

हेमा श्रीवास्तव ‘हेमाश्री’ प्रयाग(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* कई रंगों से सराबोर होकर हमने होली बड़े उत्साह और उमंग के साथ अपने अपनों के साथ मिलकर मनाई। इस उमंग और उल्लास, हर्ष के पर्व में हमारी भारतीय सेना सीमा पर तैनात खड़ी हुई है,हमारे रंग में कोई भंग ना पड़े इसके लिए बरकरार सरहद पर वो लड़ते रहते … Read more

राजनीति की बात करने से भागिए मत

हेमेन्द्र क्षीरसागर बालाघाट(मध्यप्रदेश) *************************************************************** राजनीति अब इतनी नागवार लगने लगी है कि राजनीति की बातें करने से लोग परेहज लगे हैं। तभी तो दुकानों में,कार्यालयों में,घरों में तख्ती लटका कर और समूहों में इत्तला देकर सजग किया जाने लगा है कि यहां राजनीति की बातें करना मना है। मना क्यों,बात ही तो कर रहे,उसमें हर्ज … Read more

खुद पहचान बनाना है…

रश्मि चौधरी ‘रिशिमा’ इंदौर (मध्यप्रदेश) ********************************************************* सुबह-सुबह अख़बार में लड़ाकू विमान की महिला पायलट की तस्वीर देखकर मन प्रसन्न हो गया…। महिलाएँ कितनी आत्मविश्वासी और स्वावलंबी होती जा रही हैं…। आज महिलाओं द्वारा भी बड़े-बड़े कार्यों की जिम्मेदारी ली जा रही है। महिलाओं द्वारा सभी क्षेत्रों में कदम बढ़ाये गए हैं। पुरुषों के मुकाबले में … Read more

समृद्धता के लिए महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएँ महिलाएं

ममता बनर्जी मंजरी दुर्गापुर(पश्चिम बंगाल) ****************************************************************************** आज सम्पूर्ण विश्व आतंकवादी समस्या से जूझ रहा है और इसके कारगर समाधान ढूँढने के लिए हम सभी प्रयत्नशील हैं। यह सच है कि आतंकवाद के साये में महिलाएँ भी पल रही है,तब महिलाओं की मजबूती के लिए हमें कुछ अलग ढंग से संकल्प लेना चाहिए। संकल्प कैसा हो,यह … Read more

रस्म:नारी की उलझन

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) *************************************** ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… उम्र के खूबसूरत शहर में साँसों की फ़िजाओं में ख़्वाबों और ख़्वाहिशों का आता-जाता काफ़िला है। कई रातें गुजारने के बाद एक मुलाकात होगी लेकिन कई मुलाकातों के लिए एक मुलाकात बहुत जरुरी थी………वो थी रस्मl हर बेटी को अपने बाबुल का अँगना छोड़कर … Read more

महिलाओं को अधिकारों का ठीक से दायित्व निभाना होगा

प्रभावती श.शाखापुरे दांडेली(कर्नाटक) ************************************************ ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… ८ मार्च २०१९ को दुनिया भर में १०६ वां अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा। वैसे तो महिला दिवस का इतिहास बड़ा ही विस्तृत है। सबसे पहले १९०९ में संयुक्त राष्ट्र संघ ने यह दिवस मनाया था। यह दिवस मनाने का उद्देश्य यह था कि महिलाओं को … Read more