राज
शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* डोली अपने घर की ड्योढ़ी पर पहुंची ही थी कि, नई-नवेली दुल्हन के माथे से टीका नदारद देख सास असहनीय हुई, लेकिन विवाह के माहौल को बांच शालीनता से बोली, ‘ठहरो! नई दुल्हन तब तक यह ड्योढ़ी पार नहीं करेगी, जब तक सुहाग चिन्ह पूरे न हों। किसी के पास टीका … Read more