उधार
मयंक वर्मा ‘निमिशाम्’ गाजियाबाद(उत्तर प्रदेश) *************************************** “ठक ठक”“हाँ कौन ?” ऑफिस के दरवाज़े पर दस्तक सुनकर गुंजन बोली।“हैलो मैम,मैं गौरव, कॉलेज का ही विद्यार्थी हूँ।”“तो ? आपको पता नहीं क्या माहौल है। कॉलेज अभी बंद है आप लोगों के लिए।”“मैम,मेरी बात हुई है प्रोफ़ेसर से,उन्होंने परमिशन दी है। बस लाइब्रेरी में कुछ पढ़ना है। प्रोजेक्ट की … Read more