आदर्श सास
मंजू भारद्वाजहैदराबाद(तेलंगाना)******************************************* रविवार का दिन था,बच्चे पिक्चर चलने की ज़िद कर रहे थे,पर आज मेरी कहीं जाने की इच्छा नहीं हो रही थी। दस दिनों से गाड़ी के पेपर खोज-खोज कर घर मेंं सब परेशान हो गए थे। गाड़ी बेचनी थी औऱ,पेपर मिल नहीं रहे थे। दिमाग उसी में उलझा हुआ था आखिर पेपर गए … Read more