आधा मुनाफ़ा

मधु मिश्रानुआपाड़ा(ओडिशा)******************************** “भाभी,आप अपनी सेहत का भी ध्यान रखा करो न…माँ का ध्यान रखते रखते..आप कैसी दिखने लगी हो !” अंकिता ने उदासीन होते हुए अपनी भाभी के गालों को पकड़ कर हिलाते हुए कहा…।अंकिता माँ के पैर की हड्डी टूट जाने के बाद ससुराल से तुरन्त नहीं आ सकी थी,इसलिए अब..जब पंद्रह दिनों बाद … Read more

शब्दों का खेल

डॉ.सरला सिंह`स्निग्धा`दिल्ली************************************** बाबू जी,माँ का हाथ पकड़ कर बच्चों की तरह रोये जा रहे थे,-‘बीनू की माँ मुझको छोड़ कर मत जाना। देखो तुम्हारे बिना मैं जिंदा नहीं रह पाऊँगा।’माँ की तबियत खराब होने पर बाबूजी हमेशा हीडर जाते थे। माँ ने धीरे से आँखें खोलीं और फिर उन्हें समझाते हुए बोलीं,-‘मैं कहीं नहीं जाऊँगी … Read more

‘पराकाष्ठा’

शिवनाथ सिंहलखनऊ(उत्तर प्रदेश)**************************************** मानवी और रमणीक को हवनकुंड के चारों ओर सात फेरे लिए हुए अभी कुछ ही दिन बीते थे कि,एक दिन रमणीक ने मानवी से कहा-‘मानवी, आज रात को हमें एक पार्टी में चलना है इसलिए तुम अपनी तैयारी पूरी करके रखना और यदि ठीक समझो तो अपनी शादी वाली पोशाक ही पहन … Read more

मधुमक्खी

डॉ. हंसा दीपटोरंटो (कैनेडा)************************** बेबी सीटर हेज़ल जब से आने लगी है,घर का माहौल ही बदल गया है। बेबी भी बहुत ख़ुश है। जितने प्यार से हेज़ल लोरी सुनाती है, गाती है,बेबी नव्या मुस्कुराती हुई सो जाती है। उसके सोने के बाद भी कमरे के माहौल में वह गाना देर तक गूँजता रहता है। प्यार … Read more

ठंड से वजनी

मीरा जैनउज्जैन(मध्यप्रदेश) ************************************************ शिक्षिका ने आवाज दी-‘अरे मुन्नी! आज धूप भी नहीं है,इस कड़कड़ाती ठंड में वहां सिमट कर चुपचाप क्यों बैठी हो! देखो सारे बच्चे भागा-दौड़ी कर रहे हैं। तुम भी दौड़ो,शरीर में गर्मी आ जाएगी।’लेकिन मुन्नी वैसी ही चुपचाप बैठी रही। अपने आदेश का कोई असर ना होता देख शिक्षिका ने उसके करीब … Read more

ठिठुरती सुबह

डॉ.शैल चन्द्राधमतरी(छत्तीसगढ़)**************************************** दिसम्बर का आखिरी सप्ताह था। कड़ाके की ठंड पड़ रही थी।शीत लहर के प्रकोप से पूरे शहरवासी कांप रहे थे,फिर भी कहीं क्रिसमस तो,कहीं नए वर्ष का उत्साह लोगों में छाया था। कोई पिकनिक में जाने की तैयारी में था तो कोई क्रिसमस का महँगा केक आर्डर दे रहा था। युवा वर्ग न्यू … Read more

खुदगर्जी

मेहविश खान, मुंबई(महाराष्ट्र) ***************** मकर सक्रांति स्पर्द्धा विशेष…. मैं एक गौरैया हूँ! आज मैं आपको अपनी कहानी सुनाना चाहती हूँ। वैसे तो मकर संक्रांति खुशियों का त्योहार होता है,लेकिन इसकी एक सच्चाई है जिससे बहुत कम लोग परिचित हैं। संक्रांति में लोग पतंग उड़ाते हैं,आसमान पतंगों से भरा होता है, लेकिन इसके बीच कोई ऐसा … Read more

मतभेद भुलाने का पर्व संक्रांति

सानिया आदिल पाशामुम्बई (महाराष्ट्र)********************************** मकर सक्रांति स्पर्द्धा विशेष…. सूर्य ने अपनी आँखें खोली,आकाश में उजाला छा गया। पक्षी अपने-अपने घरों से दाने की खोज में निकल पड़े। मुर्गे ने सबको संदेश दिया, जागो आज मकर संक्राति है। रमेश पिता के साथ आँगन में बैठा था। उसने अपने बाबा से पूछा कि,बाबा मकर संक्रांति का मतलब … Read more

रिश्तों की डोर

डॉ.पूर्णिमा मंडलोईइंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** मकर सक्रांति स्पर्द्धा विशेष…. आज संक्रांति के त्योहार पर हमेशा की तरह छत पर पतंगबाजी का कार्यक्रम था। घर के सभी सदस्य तीनों बेटे,तीनों बहुएं,बच्चे,सास,ससुर सुबह से ही छत पर आ गए थे। सभी में पतंग उड़ाने का बहुत उत्साह था। सुबह से ही सबने नाश्ते की तैयारी कर ली थी,परन्तु घर … Read more

कटी पतंग

रिंकू कुमावतमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************** मकर सक्रांति स्पर्द्धा विशेष…. पंकज और पीयूष नाम के २ मित्र राजस्थान के छोटे से गाँव लालपुर में रहते थे। दोनों बचपन से ही दोस्त थे। यह गाँव हरे-भरे खेतों से लहलहाता था। दोनों मित्रों को पतंग उड़ाने का बहुत शौक था। मकर संक्रांति तो उनका सबसे प्रिय त्यौहार था। गाँव में … Read more