सावित्री रक्षित प्राण
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* सावित्री ने तप किया, पति के रक्षित प्राण।नारी रखें सतीत्व तो, पति का हो कल्याण॥ बरगद का वह पेड़ था, आये थे यमराज।सावित्री के तेज पर, हुआ उन्हें भी नाज॥ सत्यवान के प्राण को, छोड़ भगे यमराज।इसीलिए तो पूज्य है, सावित्री हर काल॥ पत्नी में हो दिव्यता, तो पति का अमरत्व।पति … Read more